आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के तीन मिनट के भीतर ही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई और प्रश्नकाल तथा शून्यकाल नहीं हो पाए।
सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम हमले की बरसी पर इस हमले की विभीषिका का उल्लेख किया और फिर सदस्यों ने कुछ देर मौन रखकर पीड़ितों को श्रद्धांजिल दी।
द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में, छह और नौ अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराए थे। इन हमलों में तत्काल एक लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई थी, जबकि लाखों लोग गंभीर रूप से घायल और विकिरण से प्रभावित हुए थे।
हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु हमले के पीड़ितों को लोकसभा द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे।
वे अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग दोहरा रहे थे।
बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘ देश संसद को चर्चा और संवाद के लिए देखना चाहता है। देश की जनता आपके प्रश्नों और सरकार के उत्तर को सुनना चाहती है। आपसे आग्रह है कि अपनी-अपनी सीट पर जाएं। मैं सदन चलाना चाहता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सदन चलना चाहिए। सदन चर्चा और संवाद के लिए होना चाहिए। लेकिन आप रोजाना नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा करते हैं, सदन की गरिमा गिराते हैं। ये अच्छी परंपराएं नहीं हैं और आपका आचरण भी अच्छा नहीं है। देश आपके आचरण को देख रहा है।’’
शोर-शराबा नहीं थमने अध्यक्ष ने 11 बजकर तीन मिनट पर बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण आज लगातार 14वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके।