Legal action should be taken against Mamata Banerjee for 'interfering' in ED investigation: Shubhendu Adhikari
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कोयला तस्करी गिरोह के धन शोधन मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के काम में कथित तौर पर हस्तक्षेप करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की बृहस्पतिवार को मांग की।
ईडी की छापेमारी के दौरान पहले ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पीएसी) प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चुनाव सलाहकार के मुख्य कार्यालय में पहुंचीं बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति से जुड़े आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और संवेदनशील डिजिटल डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के दौरान उन स्थानों पर दिए गए बनर्जी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि एक वैध जांच प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने या संवैधानिक प्रक्रिया को कमजोर करने के प्रयास केवल संस्थानों और कानून के शासन में जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं।
पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान परिसर में उनका प्रवेश करना इस धारणा को सही साबित करता है कि ‘टीएमसी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है तथा ये कोयला घोटाले और हवाला लेनदेन में शामिल है’।
अधिकारी ने कहा, ‘‘मुझे उन जांच की जानकारी नहीं है जिनके चलते ईडी ने ये छापेमारी की है। लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि ममता बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में सीधे तौर पर दखल पहली बार नहीं किया है। उन्होंने इससे पहले भी निजाम पैलेस स्थित सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) कार्यालय में और पूर्व कोलकाता मुख्य पुलिस अधिकारी राजीव कुमार के आवास पर सीबीआई की छापेमारी के दौरान ऐसा किया है। उन्होंने इस अवैध और असंवैधानिक प्रथा को एक आदत बना लिया है।”b
ईडी की छापेमारी के दौरान पहले ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पीएसी) प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चुनाव सलाहकार के मुख्य कार्यालय में पहुंचीं बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति से जुड़े आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और संवेदनशील डिजिटल डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के दौरान उन स्थानों पर दिए गए बनर्जी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि एक वैध जांच प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने या संवैधानिक प्रक्रिया को कमजोर करने के प्रयास केवल संस्थानों और कानून के शासन में जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं।
पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान परिसर में उनका प्रवेश करना इस धारणा को सही साबित करता है कि ‘टीएमसी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है तथा ये कोयला घोटाले और हवाला लेनदेन में शामिल है’।
अधिकारी ने कहा, ‘‘मुझे उन जांच की जानकारी नहीं है जिनके चलते ईडी ने ये छापेमारी की है। लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि ममता बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में सीधे तौर पर दखल पहली बार नहीं किया है। उन्होंने इससे पहले भी निजाम पैलेस स्थित सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) कार्यालय में और पूर्व कोलकाता मुख्य पुलिस अधिकारी राजीव कुमार के आवास पर सीबीआई की छापेमारी के दौरान ऐसा किया है। उन्होंने इस अवैध और असंवैधानिक प्रथा को एक आदत बना लिया है।”