आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के गठन के बाद लैटिन कैथोलिक समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से उपजी नाराजगी के बीच राज्य के मत्स्यपालन मंत्री वी ई अब्दुल गफूर ने शुक्रवार को चर्च मुख्यालय में आर्चबिशप थॉमस नेट्टो से मुलाकात की।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब लैटिन कैथोलिक समुदाय के कुछ वर्गों में इस बात को लेकर असंतोष बढ़ रहा है कि नयी सरकार में समुदाय से जुड़े किसी कांग्रेस विधायक को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
लैटिन कैथोलिक समुदाय को यह भी उम्मीद थी कि तटीय ईसाई मछुआरा परिवारों के जीवन से सीधे तौर पर जुड़े मत्स्यपालन विभाग की जिम्मेदारी किसी ईसाई प्रतिनिधि को सौंपी जाएगी।
हालांकि, यह विभाग इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को दिए जाने से चर्च नेतृत्व और समुदाय के सदस्यों में निराशा देखी गई।
चर्च ने मांग की थी कि मत्स्यपालन विभाग सरकार में आरएसपी के प्रतिनिधि शिबू बेबी जॉन या कांग्रेस नीत यूडीएफ के एक अन्य घटक दल सीएमपी के सी पी जॉन को दिया जाए।
मंत्री के चर्च मुख्यालय में जाने के तुरंत बाद चर्च प्रतिनिधियों ने समुदाय के भीतर मौजूद असंतोष पर खुलकर बात की।
चर्च के एक प्रतिनिधि ने संवाददाताओं से कहा, “हमें मंत्रिमंडल में वह प्रतिनिधित्व नहीं मिला जिसके हम हकदार थे। जिस विभाग की हमें उम्मीद थी, वह भी हमें नहीं मिला। इसे लेकर चिंता है और हमें उम्मीद है कि सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए इसका समाधान निकलेगा।”
चर्च ने यह संकेत भी दिया कि गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों के कारण समुदाय को मंत्रिमंडल में उसका उचित स्थान नहीं मिल सका।