Forest Fire Control and Prevention Workshop Held in Udhampur, Jammu and Kashmir
उधमपुर
बढ़ती गर्मी और जंगलों में आग लगने की आशंका को देखते हुए उधमपुर वन प्रभाग ने शुक्रवार को जागरूकता, रोकथाम, सतर्कता और नियंत्रण पर आधारित एक व्यापक मास्टर प्लान शुरू किया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में पर्यावरणीय नुकसान को कम करना है।
इस पहल के तहत वन विभाग की विशेष टीमें उधमपुर जिले के मांड पंचायत क्षेत्र में गांव-गांव जाकर लोगों को जंगल की आग से बचाव, आपातकालीन प्रतिक्रिया और आग पर काबू पाने के तरीकों की जानकारी दे रही हैं।
उधमपुर वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सत्येंद्र मौर्य ने हाल ही में आयोजित वन अग्नि नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यशाला के बाद लोगों से जंगल की आग रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा, “उधमपुर वन प्रभाग की ओर से वन अग्नि नियंत्रण और रोकथाम कार्यशाला आयोजित की गई। गर्मियों में जंगलों में आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों, वन विभाग और अन्य सहयोगी विभागों के साथ जागरूकता शिविर लगाया गया। हमने लोगों से अपील की है कि जंगल की आग को नियंत्रित करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले लोग होते हैं। हाल ही में जंगल में आग लगने की दो छोटी घटनाएं भी सामने आई थीं।”
मांड पंचायत के निवासी रज़ाक मोहम्मद ने बताया, “वन विभाग और डीएफओ ने हमें जंगल में आग न लगाने के प्रति जागरूक किया। साथ ही एक मॉक ड्रिल भी कराई गई, ताकि आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी तैयारी हो सके।”
वहीं स्थानीय निवासी ज्योति प्रकाश शर्मा ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “यह जंगल हमारे लिए राष्ट्रीय धरोहर है। इसकी सुरक्षा केवल वन विभाग का काम नहीं, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है। आज हमें सिखाया गया कि आग बुझाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह आगे न फैले।”