‘लाडकी बहिन’ योजना से 80 लाख महिलाएं बाहर, विपक्ष ने लगाया ‘वित्तीय संकट’ का आरोप

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-06-2026
80 lakh women excluded from 'Ladki Behen' scheme, opposition alleges 'financial crisis'
80 lakh women excluded from 'Ladki Behen' scheme, opposition alleges 'financial crisis'

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना के लिए ऑनलाइन माध्यम से केवाईसी (उपभोक्ता को जानो) की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद 80 लाख महिलाएं इस योजना से बाहर हो गई हैं। इसे लेकर विपक्षी दलों ने तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार ‘‘गंभीर वित्तीय संकट’’ के कारण लाभार्थियों को योजना से बाहर कर रही है।
 
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि हालांकि, 30 अप्रैल की ‘ई-केवाईसी’ समयसीमा के बाद लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ रह गई है, लेकिन यह कटौती केवल ‘ई-केवाईसी’ न कराने के कारण नहीं, बल्कि पात्रता मानदंडों का पालन न करने से भी जुड़ी है।
 
उन्होंने बताया कि सरकार ने लाभार्थियों को ई-केवाईसी पूरी करने के लिए आठ महीने का समय दिया था।
 
अधिकारी ने कहा, ‘‘करीब 50 से 55 लाख महिलाओं ने यह प्रक्रिया पूरी ही नहीं की, जबकि दो से तीन लाख ने इस दौरान अपनी त्रुटियां सुधारीं। इसके अलावा, करीब 12 लाख महिलाएं आयकर दाता पाई गईं, जो 2.5 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा से अधिक हैं और 4.5 लाख से अधिक महिलाएं 65 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा पार कर चुकी थीं।’’
 
उन्होंने यह भी बताया कि करीब पांच लाख महिलाएं पहले से नमो शेतकरी योजना का लाभ उठा रही हैं।
 
‘ई-केवाईसी’ पूरी करने के बावजूद मासिक किस्त न मिलने की शिकायतों पर अधिकारी ने कहा, ‘‘वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम संख्या एक सप्ताह में स्पष्ट हो जाएगी और शिकायतों का पुन: सत्यापन किया जा रहा है।’’
 
उन्होंने यह भी खारिज किया कि 80 लाख महिलाओं को केवल ई-केवाईसी न कराने के आधार पर योजना से हटाया गया है।
 
वहीं, विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) नेता जयंत पाटिल ने दावा किया कि योजना से लाभार्थियों को हटाना राज्य के ‘‘गंभीर वित्तीय संकट’’ को दर्शाता है।
 
पाटिल ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के खराब प्रदर्शन के बाद विधानसभा चुनावों से पहले इस योजना को लागू किया गया था जिसके तहत महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता दी जाती है।