त्योहारी सत्र के दौरान 2.7 लाख ‘गिग’ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद: रिपोर्ट

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-08-2026
2.7 lakh gig jobs expected to be created during the festive season: Report
2.7 lakh gig jobs expected to be created during the festive season: Report

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
इस त्योहारी सत्र में अस्थायी कर्मचारियों (गिग कर्मी) की मांग से 2.5-2.7 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, जिसमें ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक, क्विक कॉमर्स, संगठित खुदरा और बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र सबसे आगे रहेंगे।
 
ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले अस्थायी कर्मियों को ‘गिग वर्कर्स’ कहा जाता है।
 
मानव संसाधन क्षेत्र की कंपनी एडेको इंडिया की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया।
 
इसके मुताबिक, 2026 के त्योहारी सत्र के लिए अस्थायी और गिग भर्ती में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
 
एडेको इंडिया के निदेशक और सामान्य भर्ती प्रमुख दीपेश गुप्ता ने कहा, ‘‘अधिक जटिल वैश्विक कारोबारी माहौल के बावजूद इस साल के त्योहारी सत्र में नियुक्तियों की मंशा मजबूत बनी हुई है। जहां घरेलू खपत खुदरा, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक और अन्य उपभोक्ता-केंद्रित क्षेत्रों में मांग का समर्थन कर रही है, वहीं नियोक्ता भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक व्यापार की बदलती स्थिति और निर्यात-उन्मुख उद्योगों में निरंतर अनिश्चितता के बीच अधिक सावधानी से योजना बना रहे हैं।’’
 
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल कार्यबल की मांग का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा लखनऊ, भुवनेश्वर, जयपुर और कोयंबटूर जैसे दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से होगा, जिसे ई-कॉमर्स की बढ़ती पहुंच, संगठित खुदरा वृद्धि और इन बाजारों में बढ़ती खपत का समर्थन प्राप्त है।
 
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित पहली श्रेणी के शहरों में 30 प्रतिशत तक प्रतिभा की कमी देखी जा रही है।
 
महानगरीय बाजारों में अस्थायी वेतन में 12-15 प्रतिशत और दूसरी तथा तीसरी श्रेणी के शहरों में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि होने की भी उम्मीद है।
 
नियोक्ता तेजी से ऐसे बहुभाषी उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं जो हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मराठी बोल सकते हों, जो डिजिटल रूप से कुशल हों और ग्राहक-उन्मुख भूमिकाओं में सहज हों।