Krishna-Godavari Basin Dispute: Former judge Ranjana Prakash Desai appointed sole arbitrator
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कृष्णा-गोदावरी बेसिन में गैस के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने से जुड़े विवाद के मामले में पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया है।
इस विवाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य कंपनियां शामिल हैं।
भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम. पांचोली की पीठ ने यह आदेश तब दिया, जब उसे बताया गया कि संबंधित पक्ष अब तक विवाद का कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकाल पाए हैं।
पीठ ने कहा, "संबंधित पक्ष खुद कोई व्यावहारिक समाधान नहीं तलाश पाए हैं। ऐसे में हम उनकी ओर से इस अदालत की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त करने का सुझाव देते हैं।"
अदालत ने कहा, "हम मध्यस्थ से यह भी अनुरोध करते हैं कि इस उद्देश्य के लिए संबंधित पक्षों के सुझाव के अनुसार दो विषय विशेषज्ञों की सहायता लें।"
केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने मध्यस्थ को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पीठ ने कहा कि संबंधित पक्ष दिन में या अगले दिन तक न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई से संपर्क कर उनकी सुविधानुसार बैठक की तारीख और समय तय कर सकते हैं।