External Affairs Minister S. Jaishankar arrived in the US to attend the G-20 Foreign Ministers' meeting.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार को अटलांटा में आयोजित होने वाली जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे।
इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे जिसमें ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुगम बनाने और साझा आर्थिक एवं सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
जयशंकर बृहस्पतिवार देर शाम अटलांटा पहुंचे। वह दो दिवसीय बैठक में हिस्सा लेंगे और बैठक की शुरुआत भू-राजनीतिक मुद्दों पर रुबियो के संबोधन से होगी। इसके बाद ऊर्जा और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका जी-20 को उसके मूल आर्थिक उद्देश्यों की ओर वापस ले जा रहा है। इन उद्देश्यों में आर्थिक विकास को गति देना, आर्थिक सुरक्षा मजबूत करना और अमेरिकी नागरिकों के लिए ठोस परिणाम हासिल करना शामिल है।"
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, "विदेश मंत्रियों की पूरी बैठक के दौरान अमेरिका जी-20 के साझेदार देशों के साथ मिलकर उन भू-राजनीतिक संकटों से निपटने के लिए काम करेगा, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़े संकट पैदा कर रहे हैं। इनमें समुद्री मार्गों से निर्बाध आवागमन की स्वतंत्रता के समक्ष खतरे, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाएं शामिल हैं।"
मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। इन बैठकों में होने वाली चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी में आयोजित होने वाले जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन और व्यापक आर्थिक एजेंडे की दिशा तय करेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 दिसंबर को मियामी में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।
जी-20 बैठक से इतर क्वाड देशों- अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी बैठक होगी।