नई दिल्ली
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसान विरोधी करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद का सत्र चल रहा था, लेकिन सांसदों को इस समझौते की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिली, जिसे उन्होंने संसद का अपमान बताया।
खरगे ने कहा कि समझौते से अमेरिकी किसानों को फायदा होगा, जबकि भारतीय किसान तबाह होंगे। उन्होंने तंज कसा कि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती रही, लेकिन वास्तविकता में यह सरकार किसानों के खिलाफ काम कर रही है।
कांग्रेस नेता ने सरकार की विदेश नीति और पड़ोसी देशों के संबंध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेपाल और चीन आपस में मिल रहे हैं, और बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
खरगे ने सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने कमजोर तबकों, खासकर आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के ताने-बाने को कमजोर किया है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक लागू करने और महिलाओं को वास्तविक नेतृत्व देने की मांग की।
उन्होंने गुजरात के बंदरगाहों पर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के गृह प्रदेश में हुआ, और सरकार उत्तरदायी नहीं है।
खरगे ने सांप्रदायिक सौहार्द और सहिष्णुता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाज में शांति स्थापित करने वाले लोगों को धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा है।साथ ही उन्होंने मनरेगा कानून को बदलने के नए कानून का विरोध किया और इसे मूल स्वरूप में पुनः लागू करने की मांग की।
अभिभाषण के दौरान खरगे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने 6062 शब्दों का अभिभाषण तैयार किया है, लेकिन कई अहम सवालों पर मौन रहा। उन्होंने कहा कि संसद में जनता के मुद्दों और किसानों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है।