राजस्थान के टोंक में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार, एनआईए और आईबी कर रही पूछताछ

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
150 kg of ammonium nitrate seized in Tonk, Rajasthan; two accused arrested; NIA and IB are conducting interrogations.
150 kg of ammonium nitrate seized in Tonk, Rajasthan; two accused arrested; NIA and IB are conducting interrogations.

 

टोंक (राजस्थान)

राजस्थान के टोंक जिला में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और खुफिया ब्यूरो (IB) की टीमें पूछताछ कर रही हैं। विस्फोटक मिलने के बाद जिले में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।

टोंक के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर यह कार्रवाई की गई। जिला विशेष टीम (DST) ने टोंक–जयपुर एनएच-52 पर बारौनी थाना क्षेत्र में चेकिंग प्वाइंट लगाकर एक लग्ज़री कार को रोका। तलाशी के दौरान कार से 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 200 खतरनाक विस्फोटक कारतूस और 1,100 से अधिक सेफ्टी फ्यूज वायर बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेंद्र मोची और सुरेंद्र पाटवा के रूप में हुई है, जो राजस्थान के बूंदी जिला के करवर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। विस्फोटक सामग्री को यूरिया की बोरियों में पैक किया गया था और पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि वे कृषि कार्य के लिए खाद ले जा रहे हैं। हालांकि, जब बोरियों की गहन जांच की गई तो उसमें अमोनियम नाइट्रेट पाया गया।

एसपी राजेश कुमार मीणा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विस्फोटक सामग्री पहाड़ी इलाकों में अवैध खनन के लिए सप्लाई की जा रही थी। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है और कुछ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है।

एसपी ने आगे बताया कि बुधवार रात आईबी की टीम ने आरोपियों से पूछताछ की, जबकि गुरुवार सुबह एनआईए की टीम बारौनी थाना पहुंची और विस्फोटकों के स्रोत, नेटवर्क और संभावित इस्तेमाल को लेकर विस्तृत पूछताछ की।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इन विस्फोटकों का इस्तेमाल किसी विनाशकारी या आतंकी गतिविधि के लिए तो नहीं किया जाना था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की बड़ी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। राज्य और केंद्र की जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध खनन के अलावा किसी और आपराधिक या राष्ट्रविरोधी गतिविधि से इसका संबंध न हो।