नई दिल्ली
प्रवर्तन निदेशालय (प्रवर्तन निदेशालय / ED) ने मणिपुर के एक बड़े निवेश धोखाधड़ी मामले में अहम कार्रवाई करते हुए 33.66 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई ईडी के इंफाल सब-जोनल कार्यालय द्वारा की गई है और यह दूसरा अस्थायी कुर्की आदेश (Provisional Attachment Order – PAO) है।
ईडी द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह मामला M/s Birla Emporium Pvt. Ltd., Ira Finance Pvt. Ltd., इनके निदेशक युमनाम इराबंता सिंह और अन्य सहयोगियों से जुड़ा है। आरोप है कि इन संस्थाओं और व्यक्तियों ने करीब 5,000 निवेशकों को धोखा देकर लगभग 250 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
ईडी ने बताया कि जांच की शुरुआत सीआईडी (क्राइम ब्रांच), मणिपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 से 2021 के बीच आरोपियों ने अवैध निवेश और जमा योजनाएं चलाईं और असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का लालच देकर आम लोगों से भारी रकम इकट्ठा की।
ईडी के अनुसार, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि Birla Emporium Pvt. Ltd. और Ira Finance Pvt. Ltd. ने Loan Against Property (LAP) के नाम पर लोगों को कर्ज दिया और बाद में उधारकर्ताओं की संपत्तियों को कंपनी के निदेशकों और कर्मचारियों के नाम पर रजिस्टर्ड करा लिया। कंपनी ने वर्ष 2020 की पहली तिमाही के बाद जमा लेना बंद कर दिया, लेकिन निवेशकों को वादा की गई राशि वापस नहीं की। ये सभी संपत्तियां अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime – POC) से खरीदी गई थीं।
ईडी ने बताया कि इससे पहले वह 28.02 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को पहले ही कुर्क कर चुकी है। इस प्रकार अब तक कुल 61.68 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी हैं। इसके अलावा, कुर्क संपत्तियों की जब्ती के लिए विशेष पीएमएलए अदालत, इंफाल ईस्ट में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है।
हालिया जांच में 121 अतिरिक्त अचल संपत्तियों की पहचान की गई है, जो आरोपियों और संबंधित कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं और जिन्हें अब कुर्क किया गया है।ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे व कार्रवाइयां संभव हैं।






.png)