जम्मू-कश्मीर: रामबन में सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन मुख्यालय में ओपन-एयर जिम का उद्घाटन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
Jammu and Kashmir: An open-air gym inaugurated at the 84th Battalion headquarters of the CRPF in Ramban.
Jammu and Kashmir: An open-air gym inaugurated at the 84th Battalion headquarters of the CRPF in Ramban.

 

रामबन (जम्मू-कश्मीर)

नए साल 2026 की सकारात्मक शुरुआत के तहत केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 84वीं बटालियन ने रामबन जिले के चंदरकोट स्थित अपने सामरिक मुख्यालय में एक ओपन-एयर जिम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर 84वीं बटालियन के कमांडेंट रणबीर सिंह ने कहा कि यह पहल जवानों के शारीरिक स्वास्थ्य, मनोबल और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कमांडेंट रणबीर सिंह ने बताया कि वर्ष के पहले ही दिन इस सुविधा का उद्घाटन “नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता” का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल अगस्त में आई भीषण बाढ़ से इस इलाके को भारी नुकसान पहुंचा था। उस आपदा के बाद 84वीं बटालियन के जवानों ने सामूहिक प्रयासों से परिसर का पुनर्निर्माण किया और अब इसे एक बेहतर व उपयोगी रूप दिया गया है।

उन्होंने कहा कि चंदरकोट स्थित यह सामरिक मुख्यालय चिनाब नदी के नजदीक है, जिससे यहां का वातावरण स्वाभाविक रूप से शांत और तरोताजा करने वाला बनता है। ऐसे में खुले वातावरण में जिम की स्थापना जवानों के लिए न केवल शारीरिक अभ्यास बल्कि मानसिक सुकून का भी साधन बनेगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह ओपन-एयर जिम सीआरपीएफ कर्मियों के बीच फिटनेस और वेल-बीइंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन ड्यूटी शेड्यूल के बावजूद बल का ध्यान अपने जवानों के स्वास्थ्य और मनोबल पर केंद्रित रहना, इस पहल से स्पष्ट होता है।

इस बीच, सुरक्षा मोर्चे पर भी जम्मू-कश्मीर में सतर्कता जारी है। हाल ही में 7 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने डोडा जिले के भलारा वन क्षेत्र में एक समन्वित तलाशी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की थी। थाथरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने एक एसएलआर राइफल, दो मैगजीन और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए थे।

कुल मिलाकर, रामबन में ओपन-एयर जिम का उद्घाटन न केवल सीआरपीएफ जवानों के लिए स्वास्थ्य-संबंधी सुविधा है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि प्राकृतिक आपदाओं और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद बल निरंतर मजबूती, अनुशासन और पुनर्निर्माण के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।