काराकस
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने संकेत दिया है कि उनका देश मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत करने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने हाल ही में वेनेजुएला के एक बंदरगाह क्षेत्र पर कथित तौर पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के हमले के सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में मादुरो ने कहा कि यदि अमेरिका वास्तव में ड्रग तस्करी के मुद्दे पर गंभीर है, तो वेनेजुएला सहयोग के लिए तैयार है। यह साक्षात्कार उन्होंने स्पेन के वरिष्ठ पत्रकार इग्नासियो रामोनेत को दिया। हालांकि, जब उनसे पिछले सप्ताह एक बंदरगाह क्षेत्र में कथित सीआईए कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस विषय पर चुप्पी साध ली।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का दावा है कि जिस बंदरगाह क्षेत्र को निशाना बनाया गया, उसका इस्तेमाल मादक पदार्थ गिरोह अंतरराष्ट्रीय तस्करी के लिए कर रहे थे। वहीं, मादुरो ने दोहराया कि अमेरिका वेनेजुएला में सरकार बदलने के इरादे से दबाव की नीति अपना रहा है और उसका असली लक्ष्य देश के विशाल तेल भंडार तक पहुंच बनाना है।
मादुरो के अनुसार, यह दबाव अभियान अगस्त में कैरिबियाई सागर में बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैन्य तैनाती के साथ शुरू हुआ था और बीते कई महीनों से जारी है। उन्होंने कहा, “वे क्या चाहते हैं, यह बिल्कुल साफ है। वे धमकियों, डराने-धमकाने और बल प्रयोग के जरिए अपनी बात थोपना चाहते हैं।”
वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने कहा कि अब समय आ गया है कि दोनों देश “तथ्यों पर आधारित गंभीर बातचीत” शुरू करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए किसी ठोस समझौते पर चर्चा करना चाहता है, तो कराकस पूरी तरह तैयार है।
मादुरो ने आगे कहा कि अगर अमेरिका को तेल की जरूरत है, तो वेनेजुएला अमेरिकी निवेश के लिए भी खुला है, जैसा कि पहले शेवरॉन के साथ किया गया। फिलहाल शेवरॉन एकमात्र बड़ी अमेरिकी तेल कंपनी है, जो वेनेजुएला से कच्चा तेल अमेरिका को निर्यात कर रही है।
गौरतलब है कि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं। ऐसे में मादुरो का यह बयान संकेत देता है कि वे एक ओर अमेरिका के साथ सीमित सहयोग के दरवाजे खुले रखना चाहते हैं, तो दूसरी ओर सैन्य और खुफिया दबाव के मुद्दे पर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।






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