आईपीएल 2026 में बांग्लादेशी खिलाड़ी की एंट्री पर शाह रुख खान पर साधु-संत का निशाना

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
Shah Rukh Khan faces criticism from religious figures over the entry of a Bangladeshi player in IPL 2026.
Shah Rukh Khan faces criticism from religious figures over the entry of a Bangladeshi player in IPL 2026.

 

नागपुर

हिंदू आध्यात्मिक नेता जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने बॉलीवुड सुपरस्टार शाह रुख खान पर तीखा हमला बोला है। मामला उनकी सह-स्वामित्व वाली आईपीएल फ्रेंचाइज़ी कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिज़ुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के लिए टीम में शामिल करने से जुड़ा है।

गुरुवार को नागपुर में पीटीआई वीडियो से बातचीत में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने इस फैसले को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के बीच किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को भारतीय आईपीएल टीम में शामिल करना संवेदनशील मुद्दा है। इस संदर्भ में उन्होंने शाह रुख खान के रवैये पर सवाल उठाते हुए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।

रामभद्राचार्य ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले, उनके घर जलाए जाने और उत्पीड़न की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में भारत को, खासकर उसकी लोकप्रिय खेल लीग के जरिए, कोई ऐसा संदेश नहीं देना चाहिए जिससे पीड़ित समुदाय की पीड़ा को नज़रअंदाज़ करने का आभास हो। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार को इस मुद्दे पर सख्त और आक्रामक रुख अपनाना चाहिए।

हिंदू धर्मगुरु ने आगे कहा कि बांग्लादेश की सरकार और वहां की जनता को यह याद दिलाया जाना चाहिए कि उस देश के गठन में हिंदुओं की भी अहम भूमिका रही है। उनके अनुसार, ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज कर वर्तमान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे व्यवहार को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

इस बयान के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले भी केकेआर द्वारा मुस्तफिज़ुर रहमान को टीम में शामिल किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो चुका है और अलग-अलग राजनीतिक नेताओं व धार्मिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

हालांकि, आईपीएल और फ्रेंचाइज़ी स्तर पर अब तक इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह स्पष्ट है कि खेल, राजनीति और कूटनीति के बीच की यह बहस आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है।