आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पिछले सप्ताह एक विरोध मार्च के दौरान गिरफ्तार किए 14 छात्रों को सोमवार को रिहा कर दिया गया। छात्र नेताओं ने इस घटनाक्रम को विश्वविद्यालय समुदाय के लिए राहत की बात बताया।
रिहा किए गए लोगों में जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका के. बाबू, संयुक्त सचिव दानिश अली, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार और ऑल इंडिया स्टूडेंटस एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा सहित अन्य लोग शामिल हैं।
दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयू परिसर में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए 14 छात्रों को तत्काल रिहा करने का रविवार को आदेश दिया।
अदालत ने 27 फरवरी को प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए जमानत दे दी थी कि हालांकि पुलिसकर्मियों पर हमला करना एक गंभीर अपराध है, लेकिन आरोपी छात्र हैं जिनके आगे उनका पूरा भविष्य है।
जेएनयूएसयू के सदस्य 26 फरवरी को परिसर में साबरमती टी-प्वाइंट पर एकत्र होकर शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। ये सदस्य जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुडी़ पंडित द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के क्रियान्वयन, छात्र संघ के पदाधिकारियों के निष्कासन और प्रस्तावित रोहित वेमुला अधिनियम को लेकर एक पॉडकास्ट में की गई हालिया टिप्पणियों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर लगे अवरोधक के पास ही रोक दिया, जिससे झड़प हो गई।