JK: Rajouri DC holds block diwas in border village of Bhawani; hears public grievances, reviews govt schemes
राजौरी (जम्मू और कश्मीर)
राजौरी के डिप्टी कमिश्नर देवांश यादव ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के नौशेरा स्थित सीमावर्ती गांव भवानी में 'ब्लॉक दिवस' कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और सीमावर्ती इलाकों के निवासियों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना था। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, पशुपालन और ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने लोगों को सेवाएं दीं, सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और निवासियों की चिंताओं को दूर किया।
स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने की पहल के तहत, मेडिकल टीमों ने 'टीबी-मुक्त भारत अभियान 2.0' के अंतर्गत पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की मदद से लोगों की जांच (स्क्रीनिंग) की। आयुष नौशेरा में तैनात आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष ने बताया कि उनकी टीम इस जन-संपर्क शिविर में आने वाले लोगों को जांच की सुविधा और दवाएं उपलब्ध करा रही है।
डॉ. मनीष ने कहा, "मेरी ड्यूटी आयुष नौशेरा में है। हम यहां डिप्टी कमिश्नर के जन-संपर्क शिविर में मौजूद हैं। हम नौशेरा उप-जिला अस्पताल (SDH) की पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का उपयोग करके लोगों का एक्स-रे और 'टीबी-मुक्त भारत अभियान 2.0' के तहत उनकी जांच कर रहे हैं। इसके अलावा, हम मरीजों की समस्याओं को सुनकर उनकी बीमारी का पता लगाते हैं और उन्हें उचित आयुर्वेदिक दवाएं देते हैं।" पशुपालन विभाग ने भी इस कार्यक्रम में एक स्टॉल लगाया, जहां पशुओं के लिए नियमित चिकित्सा सेवाएं दी गईं।
पशुपालन विभाग के फार्मासिस्ट नवीन चौधरी ने बताया, "राजौरी में कार्यभार संभालने के बाद डिप्टी कमिश्नर का इस सीमावर्ती इलाके में यह पहला दौरा है, जिसके लिए हमने पशुपालन विभाग का एक स्टॉल लगाया है। हम अपने विभाग की ओर से उनका स्वागत करते हैं। हम यहां नियमित सेवाएं देने के साथ-साथ भारत सरकार की योजनाओं, जैसे 'होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम' (HADP) के बारे में भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।"
इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (JKRLM) की 'उम्मीद' (UMEED) योजना के तहत, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसरों पर भी प्रकाश डाला गया। इस पहल के बारे में बताते हुए, JKRLM के प्रतिनिधि साहिल शर्मा ने कहा, "जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (JKRLM) की 'उम्मीद' योजना के तहत, स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) से जुड़ी महिलाएं आजीविका के लिए कई तरह के काम शुरू कर रही हैं। आज हमने उनके काम को दिखाने और उनकी आजीविका को बढ़ावा देने के लिए उनके उत्पादों को प्रदर्शित किया है।"
स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी इस जन-संपर्क कार्यक्रम का स्वागत किया और सीमावर्ती गांवों के निवासियों के लिए इसके महत्व पर जोर दिया। पूर्व सरपंच सुनील चौधरी ने कहा, "नौशेरा ब्लॉक की आखिरी पंचायत में, जो सीमा के पास है, 'ब्लॉक दिवस' शिविर का आयोजन किया गया है। यहां लोगों की बुनियादी समस्याओं को सुना जा रहा है और उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस पहल से स्थानीय समुदाय को बहुत फायदा होगा।"
स्वास्थ्य विभाग ने भी इस शिविर में व्यापक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराईं। नौशेरा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया, "यहां 'ब्लॉक दिवस' शिविर लगाया गया है, जिसमें हम स्वास्थ्य से जुड़ी व्यापक सुविधाएं दे रहे हैं। इसमें हैंडहेल्ड एक्स-रे और 'टीबी-मुक्त भारत अभियान' के तहत स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।"
नौशेरा के तहसीलदार राम पाल ने कहा, "डिप्टी कमिश्नर एक सीमावर्ती गांव में 'जन दरबार' लगा रहे हैं, ताकि सीमा पर रहने वाले लोगों की समस्याओं को सुना जा सके। समस्याओं को डिप्टी कमिश्नर के सामने रखा जा रहा है ताकि उनका समाधान निकाला जा सके।"