जल संरक्षण और सामाजिक सद्भाव पर जमीयत प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. राजेंद्र सिंह से की मुलाकात

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 29-06-2026
Jamiat delegation meets Dr. Rajendra Singh to discuss water conservation and social harmony.
Jamiat delegation meets Dr. Rajendra Singh to discuss water conservation and social harmony.

 

नई दिल्ली।

देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद्, रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित और 'वॉटरमैन ऑफ इंडिया' के नाम से विख्यात Rajendra Singh डॉ. राजेंद्र सिंह से जमीयत सद्भावना मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित इंडियन नेशनल साइंस अकादमी (आईएनएसए) में मुलाकात की। यह मुलाकात जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mahmood Madani मौलाना सैयद महमूद असद मदनी के निर्देश पर आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जमीयत उलेमा ए हिंद की राष्ट्रीय सेवाओं, सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के प्रयासों, मानवीय कल्याण से जुड़े कार्यों और जमीयत सद्भावना मंच की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वर्तमान समय में सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के मुद्दों पर मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।

डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज देश को केवल अंतरधार्मिक संवाद की ही नहीं, बल्कि मानवता की साझा सेवा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की संस्कृति को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, वनों की सुरक्षा और पर्वतीय क्षेत्रों के संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जल संकट भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इससे निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान मेवात और अरावली क्षेत्र में जल स्रोतों के संरक्षण, पारंपरिक जोहड़ों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और काली नदी पुनर्जीवन अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि जमीयत सद्भावना मंच का एक प्रतिनिधिमंडल मेवात और राजस्थान में चल रही जल संरक्षण परियोजनाओं का अध्ययन दौरा करे।

उन्होंने कहा कि इस अध्ययन यात्रा से पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को समझने में मदद मिलेगी और भविष्य में एक साझा कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी, जिससे समाज के व्यापक वर्ग को लाभ पहुंचाया जा सके।

जमीयत सद्भावना मंच के संयोजक मौलाना मेहदी हसन ऐनी कासमी ने कहा कि जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण विषय मानते हैं।

उन्होंने कहा कि इस्लाम की शिक्षाएं भी धरती, जल और पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश देती हैं। इसी सोच के अनुरूप जमीयत उलेमा ए हिंद पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हर सकारात्मक और रचनात्मक प्रयास में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण की सुरक्षा केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। समाज के सभी वर्गों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में जमीयत उलेमा दिल्ली के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद कासिम नूरी, महासचिव मौलाना आफताब आलम कासमी, सचिव मौलाना मोहम्मद हस्सान कासमी तथा जमीयत सद्भावना मंच के सहायक मौलाना अब्दुल वाहिद कासमी भी उपस्थित रहे।