नई दिल्ली
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने नई दिल्ली में अपने मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट रूप से हर तरह के उग्रवाद और हिंसा की निंदा की और कहा कि आत्मघाती हमले और बड़े पैमाने पर हिंसा मानव गरिमा, नैतिकता और सभ्यता के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन हैं।
उन्होंने हाल ही में लाल किले और श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए धमाकों की ओर इशारा करते हुए सुरक्षा तंत्र की लगातार कमजोरियों पर चिंता व्यक्त की। इन धमाकों में नौ लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। इसके अलावा, मीडिया में फैलाई जा रही रूढ़िबद्ध धारणा और पूरे समुदाय को बदनाम करने की प्रवृत्ति पर भी उन्होंने सवाल उठाया और कहा कि इससे समाज में फूट पड़ती है और आतंकवादियों की रणनीति को मजबूती मिलती है।
वायु प्रदूषण के संकट पर हुसैनी ने कहा कि अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं हैं और पूरे देश में विज्ञान-आधारित स्थायी रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि वे औद्योगिक और वाहन प्रदूषण पर कड़ी निगरानी करें, किसानों के लिए पराली जलाने के व्यवहारिक समाधान प्रदान करें और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाकर लोगों की सेहत और रोज़ी-रोटी की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
वक्फ रजिस्ट्रेशन को लेकर हुसैनी ने बताया कि जमाअत ने देशभर में एक सेंट्रल वक्फ हेल्प डेस्क और स्टेट वक्फ सेल स्थापित किया है, जिसमें करीब 150 प्रशिक्षित वॉलंटियर, वर्कशॉप और हेल्पलाइन के माध्यम से मुतवल्लियों की मदद की जा रही है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि वक्फ रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाई जाए और पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर किया जाए ताकि किसी भी वक्फ संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने वक्फ संसोधन अधिनियम के खिलाफ जमाअत का सैद्धांतिक विरोध भी दोहराया और कहा कि यह अधिनियम मौलिक अधिकारों का उल्लंघन और संवैधानिक नैतिकता के खिलाफ है।
सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि BLOs पर भारी काम का बोझ, मौतों की रिपोर्ट और प्रक्रिया में अस्पष्टता गंभीर समस्या हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि SIR का दायरा स्पष्ट किया जाए, स्टाफ़ बढ़ाया जाए, समय सीमा में विस्तार किया जाए, फील्ड स्टाफ़ के लिए मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाए, और स्वतंत्र निगरानी के साथ पारदर्शी शिकायत निवारण शुरू किया जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस को जमाअत के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर और मलिक मोतसिम खान ने भी संबोधित किया।