जयशंकर और उनकी कनाडाई समकक्ष आनंद ने जी7 बैठक से इतर पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 27-03-2026
Jaishankar and his Canadian counterpart Anand discussed the West Asia crisis
Jaishankar and his Canadian counterpart Anand discussed the West Asia crisis

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद ने फ्रांस में जी7 बैठक के इतर मुलाकात कर पश्चिम एशिया संकट और उसके परिणामों पर प्रमुखता से चर्चा की।
 
जयशंकर जी7 के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे।
 
कनाडा की विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एवं जयशंकर ने जी7 बैठक से इतर मुलाकात की तथा दोनों नेताओं ने ‘‘इस साल की शुरुआत में हमारी भारत यात्रा के दौरान हमारे प्रधानमंत्रियों द्वारा आगे बढ़ाई गई साझेदारी पर बातचीत की।’’
 
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने ‘‘व्यापार, पश्चिम एशिया में स्थिति और महत्वपूर्ण खनिज, कृषि एवं शिक्षा सहित उन प्रमुख क्षेत्रों पर भी चर्चा की जिनमें सहयोग को और गहरा किया जा सकता है।’’
 
जयशंकर दो दिवसीय जी7 बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा करेंगे जिसमें यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खुला रहे।
 
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा नौवहन मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आवाजाही होती है। पश्चिम एशिया, भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है।
 
एबे डेस-वॉक्स-डे-सेर्ने में 26-27 मार्च को जी7 बैठक का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि भारत जी7 का सदस्य नहीं है लेकिन इस प्रभावशाली समूह के मौजूदा अध्यक्ष फ्रांस ने उसे साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया है।
 
जी7 दुनिया की सात सबसे उन्नत अर्थव्यवस्थाओं कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका का समूह है। यूरोपीय संघ भी इसका सदस्य है। जी7 अपने सदस्य देशों के लिए ऐसा प्रमुख मंच है जहां वे वैश्विक स्तर पर मौजूद प्रमुख आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए चर्चा और समन्वय करते हैं।