जम्मू (जम्मू और कश्मीर)
भारी और लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH44) पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। बारिश की वजह से हाईवे पर कई जगहों पर मिट्टी खिसकने (मडस्लाइड) और पत्थर गिरने की घटनाएं हुई हैं। खराब मौसम के कारण कश्मीर में काजीगुंड या उधमपुर से रामबन की ओर किसी भी गाड़ी को जाने की इजाज़त नहीं दी जा रही है। इस इलाके में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है। जम्मू और कश्मीर के डोडा ज़िले के भलेसा में भी भारी बारिश हुई, जिससे नदियां, नाले और जलधाराएं उफान पर आ गईं और घरों, फसलों और खेती की ज़मीन को नुकसान पहुंचा। अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), बादल फटने और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के बीच, डोडा और किश्तवाड़ प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम ठीक होने तक ऊंचाई वाले इलाकों, भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों और नदी के किनारों पर जाने से बचें।
इस बीच, पूरे इलाके में भारी बारिश के बाद रामबन के पहाड़ों पर घना कोहरा छा गया, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई। लगातार बारिश ने आसपास की पहाड़ियों को धुंध से ढके नज़ारों में बदल दिया है, जबकि नीचे लटके बादलों और घने कोहरे के कारण कई इलाकों में विज़िबिलिटी कम हो गई है। रियासी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सलाल जलाशय में पानी का बहाव बढ़ गया है, जिससे अधिकारियों को बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के सभी गेट खोलने पड़े हैं।
बांध से पानी छोड़े जाने और बहाव बढ़ने के कारण चिनाब नदी उफान पर है और निचले इलाकों में तेज़ बहाव और बढ़ा हुआ जल स्तर देखा जा रहा है। रियासी इलाके में पिछले कई घंटों से भारी बारिश हो रही है, जिससे चिनाब नदी और सलाल बांध जलाशय में पानी का बहाव काफी बढ़ गया है। अधिकारी मौसम की स्थिति और नदी के जल स्तर पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। लोगों, खासकर निचले इलाकों और चिनाब के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने और नदी के करीब न जाने की सलाह दी गई है।
मंगलवार सुबह से ही जम्मू और कश्मीर के राजौरी ज़िले में भारी बारिश हुई, जिसके बाद ज़िला प्रशासन और राजौरी पुलिस ने एडवाइज़री जारी कर लोगों से सतर्क रहने को कहा है। उन्हें नदी का जल स्तर बढ़ने, अचानक बाढ़ आने, भूस्खलन और जलभराव की आशंका के बीच सावधान रहने की सलाह दी गई है।