It is also important to know when not to use AI.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रशिक्षण में आमतौर पर इस बात पर जोर दिया जाता है कि बेहतर परिणाम कैसे हासिल किए जाएं—बेहतर प्रॉम्प्ट कैसे लिखें, प्रश्न को कैसे परिष्कृत करें और सामग्री को अधिक तेजी से कैसे तैयार करें।
इस दृष्टिकोण के संदर्भ में एआई को केवल उत्पादकता बढ़ाने वाले औजार के रूप में देखा जाता है और सफलता को गति से मापा जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोच अधूरी है।
आलोचनात्मक एआई साक्षरता अलग प्रश्न उठाती है। इसमें “मैं इसका उपयोग कैसे करूं?” के बजाय “क्या मुझे इसका उपयोग करना भी चाहिए?” और “इसे तेज कैसे बनाऊं?” के बजाय “इस प्रक्रिया में मैं क्या खो रहा हूं?” के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
एआई प्रणालियां उन पूर्वाग्रहों को साथ लेकर चलती हैं, जिन्हें अधिकतर उपयोगकर्ता देख नहीं पाते। वर्ष 2025 में ‘ब्रिटिश न्यूज़पेपर आर्काइव’ पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि डिजिटल व्यवस्था वाले विक्टोरियनकालीन अखबार वास्तव में प्रकाशित सामग्री के 20 प्रतिशत से भी कम का प्रतिनिधित्व करते हैं। उपलब्ध नमूना राजनीतिक प्रकाशनों की ओर झुकाव रखता है और स्वतंत्र आवाज़ों को कम दर्शाता है। ऐसे में यदि कोई शोधकर्ता इसी आधार पर विक्टोरियन समाज के बारे में निष्कर्ष निकाले, तो वह अभिलेखागार में निहित विकृतियों को दोहरा सकता है। यही सिद्धांत आज के एआई उपकरणों को संचालित करने वाले डेटा पर भी लागू होता है।