आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने दुनिया के हर कोने से भारी विरोध के बाद विश्व कप के मुनाफे को निजी इक्विटी कंपनियों को बेचने की अपनी विवादास्पद योजना को रद्द कर दिया है।
इन्फेंटिनो ने यह फैसला तब किया जब एशिया की फुटबॉल संस्था ने यूरोप और उत्तरी अमेरिका के साथ मिलकर इसका विरोध किया तथा व्हाइट हाउस की एक समिति में शामिल रहे उनके वरिष्ठ सलाहकार ने खुलकर इसका विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया था।
इन्फेंटिनो ने शुक्रवार को बयान में कहा, ‘‘सभी पक्षों के विचार जानने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस योजना ने ऐसे विभाजन पैदा कर दिए हैं जो मूल उद्देश्य के हित में नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य हमेशा एकजुट रहना और सुधार करना रहा है और भविष्य में भी ऐसा ही होगा। इसलिए यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ेगा।’’
इन्फेंटिनो ने निजी निवेशकों के साथ विश्व कप के संचालन के लिए 20 अरब डॉलर की कंपनी बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मंगलवार की घोषणा के बाद से इसका विरोध बढ़ता ही जा रहा था।
यूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था यूईएफए के 55 सदस्य देशों ने बृहस्पतिवार को इन्फेंटिनो की योजना के विरोध में विश्व कप और फीफा की अन्य सभी प्रतियोगिताओं का बहिष्कार करने पर सहमति जताई। उत्तरी अमेरिका के कॉनकाकाफ और एशियाई फुटबॉल महासंघ ने भी इस योजना का विरोध किया।
यहीं नहीं इन्फेंटिनो के वरिष्ठ सलाहकार कार्लोस कॉर्डेइरो ने इसके विरोध में शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था।