नई दिल्ली
भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास तरंग शक्ति 2026 पूरे जोश के साथ जारी है। भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभ्यास की कुछ झलकियां साझा करते हुए कहा कि इसमें हवाई शक्ति, विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच आपसी संचालन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।
भारतीय वायुसेना के मुताबिक, अभ्यास की शुरुआत से लेकर अब तक कई उड़ान अभियानों को अंजाम दिया गया है। अलग अलग मिशनों के दौरान भाग लेने वाले देशों की वायुसेनाओं ने एक साथ अभ्यास किया। इससे एक दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने और आपसी तालमेल बढ़ाने का अवसर मिला।
तरंग शक्ति 2026 केवल हवाई युद्धाभ्यास तक सीमित नहीं है। अभ्यास के दौरान सैन्य अधिकारियों और वायुसेना के कर्मियों के बीच पेशेवर बातचीत भी हो रही है। साझा अनुभवों और परिचालन प्रक्रियाओं पर चर्चा के जरिए भाग लेने वाले देशों के बीच आपसी समझ मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
भारतीय वायुसेना ने कहा कि अभ्यास लगातार पूरी गति से आगे बढ़ रहा है। इसमें उड़ान संचालन, पेशेवर संवाद और साझा अनुभव प्रमुख हिस्सा हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य भाग लेने वाली वायुसेनाओं के बीच सहयोग और आपसी विश्वास को मजबूत करना है।
तरंग शक्ति जैसे बहुराष्ट्रीय अभ्यासों के जरिए विभिन्न देशों की वायुसेनाओं को वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में एक साथ काम करने का अवसर मिलता है। इससे संयुक्त अभियानों के दौरान संचार, समन्वय और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
भारतीय वायुसेना 8 अक्टूबर को अपना 94वां वायुसेना दिवस मना रही है। इस अवसर पर वायुसेना ने अपने गौरवशाली इतिहास और देश की सेवा में उसके योगदान को याद किया।
भारतीय वायुसेना ने अपने संदेश में इसे शौर्य, उत्कृष्टता और समर्पण के 94 वर्षों की यात्रा बताया। वायुसेना ने नागरिकों से भी इस ऐतिहासिक यात्रा और उसके जवानों की सेवा भावना को याद करने की अपील की।
वायुसेना दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना की क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान देश की सुरक्षा में वायुसेना की भूमिका को भी रेखांकित किया जाता है।
भारतीय वायुसेना ने अपने संदेश में खुद को “अदम्य, अजेय और सटीक” बताते हुए 94 वर्षों की सेवा और समर्पण का उल्लेख किया।
तरंग शक्ति 2026 का जारी अभ्यास और वायुसेना दिवस का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारतीय वायुसेना अपनी परिचालन क्षमता के साथ अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग पर भी जोर दे रही है।
भारतीय वायुसेना के अनुसार, तरंग शक्ति 2026 के दौरान साझा उड़ान अभियानों और पेशेवर संवाद से भाग लेने वाले देशों के बीच संबंध और मजबूत हो रहे हैं। अभ्यास का उद्देश्य केवल सैन्य क्षमताओं को परखना नहीं, बल्कि एक दूसरे की कार्यप्रणाली को समझना और भविष्य में बेहतर समन्वय की क्षमता विकसित करना भी है।
इस तरह तरंग शक्ति 2026 भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सैन्य पेशेवराना रवैये को एक साथ प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण अभ्यास बना हुआ है। वहीं, 8 अक्टूबर को मनाया जा रहा 94वां वायुसेना दिवस देश की वायु शक्ति और उसके जवानों की दशकों लंबी सेवा को सलाम करने का अवसर है।