भारत ने क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध समाप्त करने के महासभा के आह्वान के पक्ष में मतदान किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-10-2026
India votes in favour of General Assembly call to end US embargo on Cuba
India votes in favour of General Assembly call to end US embargo on Cuba

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 भारत ने क्यूबा के खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। भारत ने यह दोहराया कि कैरेबियाई देश को अपनी विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करने के लिए इन प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिए।
 
संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने बुधवार को इस प्रस्ताव को अपनाया, जिसमें 130 देशों ने पक्ष में मतदान किया, 17 ने विरोध में मतदान किया और 25 देश अनुपस्थित रहे।
 
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर सौम्या नायर ने भारत का वक्तव्य देते हुए कहा कि महासभा ने बार-बार प्रतिबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया है और उन कानूनों एवं विनियमों को खारिज किया है जिनके बाह्यक्षेत्रीय प्रभाव होते हैं, जो अन्य राष्ट्रों की संप्रभुता तथा उनके लोगों की प्रगति व समृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘भारत संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों के अनुरूप ऐसे कानूनों और उपायों को लागू करने व जारी रखने से परहेज करने तथा उन्हें निरस्त व अमान्य करने के महासभा के आह्वान को दोहराता है।’’
 
नायर ने कहा कि बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता इस विश्वास पर टिकी है कि अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार संवाद और कूटनीति के माध्यम से सबसे बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘इसी भावना के साथ भारत उम्मीद करता है कि क्यूबा के लोगों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग में पूर्ण रूप से भाग लेने और अपनी वैध विकास आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाने वाला माहौल तैयार करने के लिए इस प्रतिबंध को जल्द से जल्द हटा दिया जाएगा।’’
 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, नायर ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था और आवश्यक सेवाओं पर इन प्रतिबंधों के प्रभाव पर प्रकाश डाला।
 
उन्होंने कहा कि क्यूबा की स्वास्थ्य प्रणाली को 60 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पिछले पांच वर्षों में खाद्य उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
 
नायर ने कहा, ‘‘क्यूबा को ईंधन निर्यात पर लगे प्रतिबंधों ने देश के मौजूदा ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है। इस कमी ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जल आपूर्ति, खाद्य वितरण और परिवहन सहित आवश्यक सेवाओं को बाधित कर दिया है।’’