विशाखापत्तनम
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और मिलन अभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना प्रमुख Admiral Dinesh K Tripathi ने अमेरिकी पैसिफिक फ्लीट के कमांडर Admiral Stephen T Koehler के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक वैश्विक नौसेनाओं के समुद्री समागम के बीच आयोजित हुई, जिसमें समुद्री सुरक्षा, संयुक्त अभ्यास और पारस्परिक संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
भारतीय नौसेना के अनुसार, वार्ता में प्रमुख रूप से Malabar Exercise और RIMPAC जैसे बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने समुद्री सहयोग के नए आयामों, पेशेवर आदान-प्रदान और साझा रणनीतिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
इसी अवसर पर नौसेना प्रमुख ने किर्गिस्तान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ कर्नल ओटोनबाएव तारियल जरिलबेकोविच और म्यांमार नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल आये मिन ह्त्वे से भी अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकात की। इन बैठकों में समुद्री स्थिरता, क्षमता निर्माण और परिचालन समन्वय बढ़ाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
International Fleet Review 2026 स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े नौसैनिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है। इस भव्य आयोजन में कुल 71 पोत भाग ले रहे हैं, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत और 45 भारतीय नौसेना के जहाज शामिल हैं। इसके अलावा तटरक्षक बल, मर्चेंट नेवी और अनुसंधान पोत भी इस समुद्री शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा हैं। 65 देशों की भागीदारी इस आयोजन को वैश्विक आयाम दे रही है।
राष्ट्रपति 18 फरवरी को समुद्र में इस फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण करेंगे। वहीं 19 फरवरी को विशाखापत्तनम के बीच रोड पर अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड आयोजित की जाएगी, जिसमें 45 टुकड़ियाँ और कई विदेशी बैंड हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है कि स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है और इस ऐतिहासिक फ्लीट रिव्यू का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।
1995 में मात्र चार देशों के साथ शुरू हुआ मिलन अभ्यास आज 65 नौसेनाओं तक विस्तारित हो चुका है। यह आयोजन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती सामरिक भूमिका और समुद्री कूटनीति का सशक्त प्रदर्शन माना जा रहा है।