नई दिल्ली।
भारत और अमेरिका की सशस्त्र सेनाओं ने द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ 2026’ का पांचवां संस्करण शुरू कर दिया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना, सैन्य तालमेल बढ़ाना और क्षेत्रीय संकटों तथा प्राकृतिक आपदाओं से संयुक्त रूप से निपटने की क्षमता विकसित करना है।
अमेरिकी नौसेना के अनुसार, सैन्य अभ्यास की औपचारिक शुरुआत 2 नवंबर को उद्घाटन समारोह के साथ हुई। वहीं, अमेरिकी प्रशांत बेड़े ने 3 नवंबर को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी शुरुआत की जानकारी साझा की।
अमेरिकी प्रशांत बेड़े ने अपने संदेश में कहा कि टाइगर ट्रायम्फ 2026 के तहत भारत और अमेरिका की सेनाएं साथ मिलकर प्रशिक्षण ले रही हैं। इसका मकसद दोनों देशों के बीच सहयोग, सैन्य तैयारी और क्षेत्रीय संकटों से निपटने की क्षमता को बेहतर बनाना है।
टाइगर ट्रायम्फ 2026 में मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों को प्रमुखता दी गई है। अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त योजना निर्माण, टेबलटॉप अभ्यास और विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण व्यवस्था पर काम करेंगी।
इसमें बहु-क्षेत्रीय सैन्य समन्वय के साथ कमान, नियंत्रण, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं के बीच तालमेल को भी शामिल किया गया है।
अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी क्षेत्रीय संकट, प्राकृतिक आपदा या मानवीय आपात स्थिति के दौरान दोनों देशों की सेनाएं तेजी से और प्रभावी ढंग से मिलकर काम कर सकें।
अमेरिकी प्रशांत बेड़े के उप कमांडर रियर एडमिरल जोआक्विन मार्टिनेज डी पिनिल्योस ने कहा कि टाइगर ट्रायम्फ भारत और अमेरिका की बढ़ती रक्षा साझेदारी, उसकी परिपक्वता और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों का संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति साझा संकल्प को मजबूत करता है। इससे सैन्य समन्वय बेहतर होगा और क्षेत्र में संकट या प्राकृतिक आपदा आने पर तेजी से कार्रवाई करने की तैयारी मजबूत होगी।
भारतीय नौसेना की ओर से पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई ने भी इस अभ्यास को दोनों देशों की मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी का प्रतिबिंब बताया।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध आपसी विश्वास, पेशेवर सम्मान और रक्षा सहयोग के लगातार बढ़ते दायरे पर आधारित हैं।
बिश्नोई के अनुसार, टाइगर ट्रायम्फ अभ्यास मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दोनों देशों की सेनाओं की पूरक क्षमताओं को एक साथ लाने का व्यावहारिक अवसर देता है।
टाइगर ट्रायम्फ सैन्य अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। वर्ष 2026 का संस्करण इस श्रृंखला का पांचवां अभ्यास है।
इस बार अभ्यास में सैन्य अधिकारियों की संयुक्त योजना, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े टेबलटॉप अभ्यास और कमान, नियंत्रण, साइबर तथा अंतरिक्ष क्षमताओं के बीच समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के संदर्भ में इस अभ्यास को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने, संयुक्त अभियानों की तैयारी करने और आपदा के समय बेहतर तालमेल के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
स्रोत: एएनआई, अमेरिकी नौसेना