भारत ने ईरान संघर्ष के बीच वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का संरा में किया कड़ा विरोध

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-06-2026
India strongly protests attacks on commercial ships amid Iran conflict at UN
India strongly protests attacks on commercial ships amid Iran conflict at UN

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 भारत ने ईरान संघर्ष के बीच वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि क्षेत्र में हुए हमलों के कारण उसके कई नागरिकों की मौत हो गई है या वे लापता हैं।
 
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने बुधवार को कहा, ‘‘हमने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसकी शुरुआत दुर्भाग्यवश रमजान के पवित्र महीने में हुई। हमने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।’’
 
‘अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना : पश्चिम एशिया में राजनीतिक समाधान को आगे बढ़ाना-स्थायी शांति के लिए मध्यस्थता और संवाद’ विषय पर सुरक्षा परिषद की खुली चर्चा में अपने संबोधन में पर्वतनेनी ने कहा कि भारत वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का दृढ़ता से विरोध करता है, क्योंकि वैश्विक कार्यबल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र के देशों, वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री संपर्क मार्गों पर हुए हमलों के कारण कई भारतीय नागरिकों की जान गई है या वे लापता हैं।’’
 
सुरक्षा परिषद में पर्वतनेनी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत ने नयी दिल्ली में अमेरिका के प्रभारी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब करके ओमान तट के निकट 24 भारतीय कर्मियों वाले वाणिज्यिक टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर अमेरिकी हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
 
हमले के बाद जहाज पर सवार चालक दल के 24 सदस्यों में से तीन लापता हो गए।
 
वाणिज्यिक पोत ‘सेटेबेलो’ पर यह हमला तब हुआ, जब इसके दो दिन पहले ही पलाओ के झंडे वाले एक जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया था। उस जहाज पर 24 भारतीय सवार थे और जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था।
 
पर्वतनेनी ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं तथा उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति तंत्र क्षेत्र की स्थिरता पर निर्भर है और किसी भी बड़े व्यवधान के भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ते हैं।’’