आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठजोड़ ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल हो गया है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक लचीली आपूर्ति शृंखला का निर्माण करना है।
भारत ने यहां नयी दिल्ली में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में आयोजित एक समारोह में गठबंधन में शामिल होने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस हस्ताक्षर समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
गोर ने कहा कि ‘पैक्स सिलिका’ पहल क्षमताओं का गठजोड़ है।
आर्थिक मामलों के लिए अमेरिका के विदेश उप मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा, ‘‘पैक्स सिलिका घोषणापत्र है कि भविष्य उन्हीं का है जो निर्माण करते हैं और जब लोग मिलकर आगे बढ़ते हैं।’’
यह कदम दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और संबंधों में गंभीर तनाव के दौर के बाद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अन्य पहलों पर आगे बढ़ने के प्रयासों के बीच आया है।
पैक्स सिलिका पहल पिछले साल दिसंबर में महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए एक सुरक्षित, लचीली और नवाचार-संचालित आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए शुरू की गई थी।
पिछले साल 12 दिसंबर को वाशिंगटन में पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था जहां भागीदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे।