भारत ने प्रतिबंधों, समुद्री मार्गों में बाधाओं के जरिये वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान पैदा किए जाने की आलोचना की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-10-2026
India criticises disruption of global energy supplies through sanctions, blockade of sea routes
India criticises disruption of global energy supplies through sanctions, blockade of sea routes

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रतिबंधों और समुद्री मार्गों पर अवरोधों के जरिये वैश्विक तेल आपूर्ति में रुकावट डालने पर कड़ी असहमति जताते हुए कहा कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जाने वाले हमले ऊर्जा की कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति है।
 
जयशंकर ने यह टिप्पणी शुक्रवार को अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में की। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखे हैं, पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति बाधित है और रूस के डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है।
 
जयशंकर ने कहा कि दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन यह संकट उत्पादन की कमी का नहीं, बल्कि अनिश्चितता और आपूर्ति में बाधा, वहन न कर सकने वाली कीमतों और ऊर्जा तक पहुंच की चुनौतियों का है।
 
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जाने वाले हमले ऊर्जा की कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति है।
 
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से बुलाई गई बैठक में उन्होंने कहा, ‘‘जी20 को ऊर्जा बाजारों को खुला और स्थिर बनाए रखने के लिए समझदारी और नेतृत्व, दोनों का परिचय देना चाहिए।''
 
विदेश मंत्री ने कहा कि बाधाओं, प्रतिबंधों और समुद्री मार्गों पर अवरोधों के जरिये ऊर्जा बाजारों में लगातार बढ़ते असंतुलन की घटनाएं अब अधिक बार हो रही हैं, इनकी जटिलता बढ़ रही है और इनका प्रभाव भी व्यापक हो रहा है।
 
जयशंकर ने कहा कि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कम आय वाले देशों की मुश्किलों के प्रति बहुत कम ध्यान दिया जा रहा है।