कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत पात्र मतदाताओं के “शामिल किए जाने” को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने कुल 8 दावे और आपत्तियां दाख़िल की हैं। यह जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल (CEO) ने दी। यह पुनरीक्षण मसौदा मतदाता सूची से संबंधित है, जिसमें वर्तमान में 7,08,16,630 मतदाता दर्ज हैं।
CEO कार्यालय द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार, राजनीतिक दलों के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 17 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक निर्धारित थी। बुलेटिन में कहा गया, “राजनीतिक दलों ने मसौदा मतदाता सूची के संबंध में अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत की हैं।”
पार्टीवार विवरण के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने 1 दावा दाख़िल किया, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 2, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कोई दावा नहीं किया, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने 3 दावे प्रस्तुत किए। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 1-1 दावा दर्ज कराया।
राजनीतिक दलों के साथ-साथ सीधे मतदाताओं से भी बड़ी संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बुलेटिन के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद पात्र मतदाताओं के शामिल किए जाने (फॉर्म 6/6A) से संबंधित 1,74,459 आवेदन सीधे मतदाताओं से प्राप्त हुए हैं। वहीं, अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने (फॉर्म 7) के लिए 37,781 आवेदन आए हैं।
CEO कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 2(जी) के तहत, संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई शपथ-पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे मसौदा मतदाता सूची की गहन समीक्षा करें और यदि कोई दावा या आपत्ति हो तो 15 जनवरी की समय-सीमा से पहले अवश्य दर्ज कराएं।
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग (ECI) ने 16 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के लिए मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी। SIR अभ्यास के दौरान 58.2 लाख से अधिक नाम गणना अवधि में हटाए गए थे, जिसे लेकर प्रशासन ने पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया है।