Identity cards and admit cards bearing Champat Rai's signature temporarily revalidated
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पहचान पत्र और प्रवेश-पत्र अंतरिम व्यवस्था के तहत फिर से मान्य कर दिए गए हैं जिन्हें हाल में अमान्य घोषित कर दिया गया था। मंदिर से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि यह निर्णय राम मंदिर में जारी निर्माण और रखरखाव कार्यों को बाधित होने से बचाने के लिए लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस अस्थायी व्यवस्था के तहत अधिकृत कर्मचारियों, अभियंताओं और तकनीकी अधिकारियों को नयी प्रवेश-पत्र व्यवस्था लागू होने तक पुराने पहचान पत्रों के आधार पर मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
यह कदम ट्रस्ट के नेतृत्व में बदलाव के बाद चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पहचान पत्रों के आधार पर प्रवेश पर रोक लगाए जाने के कुछ दिन बाद उठाया गया है।
मंदिर के सूत्रों के अनुसार, इस प्रतिबंध का असर चारदीवारी, संग्रहालय, ट्रस्ट कार्यालय और विश्राम गृह सहित विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी और समन्वय पर पड़ने लगा था, इसी कारण यह अंतरिम व्यवस्था लागू की गई।
यह घटनाक्रम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर उठे विवाद और उसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासन में हुए बदलाव के बीच सामने आया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक बदलाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रवेश-पत्र के लिए नयी व्यवस्था लागू की जा सकती है।