नानजिंग [चीन]
'द एपोक टाइम्स' (TET) की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के जिआंगसु प्रांत में एक केमिकल प्लांट के सैकड़ों कर्मचारियों ने फैक्ट्री में प्रवेश बंद (लॉकआउट) किए जाने के बाद मुआवज़े की मांग की। बढ़ते तनाव के बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची। TET की रिपोर्ट के मुताबिक, फेंग काउंटी स्थित 'ज़ूझोउ फेंगचेंग सॉल्ट केमिकल कंपनी' ने 9 अक्टूबर को कर्मचारियों को सूचित किया कि उत्पादन फिर से शुरू नहीं होगा। इससे लगभग 800 से 900 कर्मचारियों के सामने ट्रांसफर या नौकरी छूटने पर मिलने वाले भुगतान (severance payments) का मसला खड़ा हो गया।
सिर्फ अपने सरनेम 'गाओ' से पहचाने जाने वाले एक कर्मचारी ने प्रकाशन को बताया कि चीन के 'नेशनल डे' की छुट्टी के बाद एक हफ़्ते की ब्रेक के बाद जब वे लौटे, तो उन्हें पता चला कि उनके फैक्ट्री एक्सेस कार्ड डीएक्टिवेट कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 8 अक्टूबर को तनाव तब बढ़ गया जब कर्मचारियों ने मुआवज़े के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी। गाओ के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने नौकरी छूटने पर मिलने वाले भुगतान के फैसले में देरी की, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों को दखल देना पड़ा। उन्होंने कहा कि आखिरकार काउंटी अधिकारियों ने वादा किया कि कर्मचारियों को कानूनी रूप से ज़रूरी मुआवज़ा मिलेगा।
चीनी मानवाधिकार निगरानी संस्था 'यस्टरडे' द्वारा 8 अक्टूबर को X (ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में फैक्ट्री में कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों की भारी भीड़ दिखाई दी। TET की रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ को संबोधित कर रहे एक व्यक्ति ने चीनी श्रम कानून के तहत मुआवज़े पर चर्चा की, जिसमें कर्मचारियों के लिए नई नौकरी खोजने हेतु संभावित दो महीने की 'ट्रांज़िशन अवधि' (संक्रमण काल) भी शामिल थी। खबरों के मुताबिक, इस प्रस्ताव में पहले महीने का पूरा वेतन और दूसरे महीने के लिए जीवन-यापन भत्ता (living allowance) शामिल था। उस व्यक्ति की पहचान और कंपनी का प्रतिनिधित्व करने के उसके अधिकार की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
गाओ ने TET को यह भी बताया कि चीनी इंटरनेट पुलिस ने उन्हें उस वीडियो को हटाने का आदेश दिया जो उन्होंने भीड़ का पोस्ट किया था। मानवाधिकार निगरानीकर्ता ली यिंग द्वारा X पर साझा किए गए 28 सितंबर के कंपनी नोटिस में कहा गया था कि बाज़ार की स्थितियों और कंपनी के कामकाज की स्थिति के कारण 1 अक्टूबर से उत्पादन रोक दिया जाएगा। 9 अक्टूबर को हुई एक बैठक में, कंपनी ने पुष्टि की कि उत्पादन फिर से शुरू नहीं होगा और एक मुआवज़ा योजना पेश की। गाओ के अनुसार, नौकरी छूटने पर मिलने वाले भुगतान की गणना सेवा के वर्षों के आधार पर की जाएगी; 50,000 युआन (लगभग 7,500 अमेरिकी डॉलर) से कम का भुगतान एक ही किश्त में किया जाएगा और बड़ी रकम को दो भुगतानों में बांटा जाएगा। कंपनी ने जुड़ी हुई दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर का भी ऑफ़र दिया, लेकिन गाओ ने कहा कि वर्कर दूसरी जगह जाने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने TET को बताया, "हम ट्रांसफर नहीं होना चाहते। हम मुआवज़े का इंतज़ार कर रहे हैं।"
गाओ का अनुमान है कि कुछ कर्मचारियों को उनकी सैलरी और काम की अवधि के आधार पर 9,000 से 10,500 USD के बीच मिल सकते हैं। हालाँकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि पेमेंट कब शुरू होगा, जिससे देरी की चिंता बढ़ गई है। फ़ेंग काउंटी इकोनॉमिक डेवलपमेंट ज़ोन की 2017 की एक रिपोर्ट में फ़ेंगचेंग को वूशी यिडुओ ग्रुप की एक सब्सिडियरी कंपनी बताया गया था, जिसकी सालाना सोडा ऐश प्रोडक्शन क्षमता 6,00,000 मीट्रिक टन थी।
गाओ ने कंपनी की आर्थिक मुश्किलों की वजह ज़रूरत से ज़्यादा प्रोडक्शन क्षमता और गिरती कीमतों को बताया। उन्होंने कहा कि प्रोडक्शन की लागत लगभग 194 USD प्रति मीट्रिक टन थी, जबकि बिक्री की कीमत 120 USD से थोड़ी ज़्यादा थी। चीन के नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफ़ॉर्म कमीशन के प्राइस मॉनिटरिंग सेंटर ने 3 जून के एक आकलन में पूरे देश में सोडा ऐश की ज़रूरत से ज़्यादा प्रोडक्शन क्षमता की पहचान की। इसका कारण प्रॉपर्टी सेक्टर में मंदी से जुड़ी कम मांग को बताया गया। कॉमर्स मिनिस्ट्री की कमोडिटी-प्राइस वेबसाइट पर 9 अक्टूबर को पब्लिश हुए एक इंडस्ट्री असेसमेंट में कहा गया कि प्रोड्यूसर को लगातार नुकसान हो रहा है और 2026 की चौथी तिमाही तक ज़रूरत से ज़्यादा सप्लाई कम होने की संभावना नहीं है।
गाओ ने कहा कि प्रभावित कई वर्कर 40 और 50 की उम्र के हैं, जिससे उनके लिए नई नौकरी ढूंढना मुश्किल है। TET की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्कर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या कंपनी के पास मुआवज़े के वादे पूरे करने के लिए काफ़ी फ़ंड है।