शिमला (हिमाचल प्रदेश)
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 124 सड़कें बंद हैं और 255 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर रीजन (DTRs) काम नहीं कर रहे हैं। SEOC की रिपोर्ट में 9 अगस्त तक मॉनसून की स्थिति बताई गई है। इसके अनुसार, सड़क बंद होने के मामले में मंडी सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िला रहा, जहाँ 51 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 39 और शिमला में 13 सड़कें बंद हैं। चंबा में सात, सिरमौर में छह, कांगड़ा में पांच, लाहौल और स्पीति में चार और ऊना में तीन सड़कें बंद होने की भी खबर है।
बिजली वितरण नेटवर्क पर भी बुरा असर पड़ा है और राज्य भर में 255 DTRs प्रभावित हुए हैं। इनमें से 245 बिजली कटौती की घटनाएं मंडी में हुईं, जिनमें सुंदरनगर में 163 और मंडी सब-डिविजन में 63 मामले शामिल हैं। किन्नौर के कल्पा, शिमला के चौपाल और सिरमौर के पोंटा साहिब में भी ट्रांसफॉर्मर खराब होने की खबर है, जहाँ क्रमशः चार, तीन और तीन DTRs प्रभावित हुए हैं। पानी की सप्लाई की 17 योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें शिमला में 12 और हमीरपुर में पांच योजनाएं शामिल हैं।
मॉनसून से जुड़ी आपदाओं में कुल 155 लोगों की मौत हुई है। इनमें आपदा से जुड़ी 68 मौतें और सड़क हादसों में हुई 87 मौतें शामिल हैं। आपदा से जुड़ी सबसे ज़्यादा 14 मौतें मंडी में हुईं। इसके बाद कांगड़ा में 11, चंबा और शिमला में नौ-नौ और कुल्लू में आठ मौतें हुईं। आपदा से जुड़ी 68 मौतें भूस्खलन, पेड़ और चट्टानें गिरने, डूबने, अचानक बाढ़ आने और आग लगने जैसी घटनाओं के कारण हुईं। सड़क हादसों में 87 और लोगों की मौत हुई। सड़क हादसों में सबसे ज़्यादा 15 मौतें चंबा में हुईं। इसके बाद कुल्लू और शिमला में 12-12 और कांगड़ा में 10 मौतें हुईं।
सरकारी विभागों, खेती और निजी संपत्ति को हुए कुल अनुमानित नुकसान का आंकड़ा 83,526.19 लाख रुपये, यानी लगभग... 8,352.62 करोड़ रुपये। रिपोर्ट किए गए नुकसान में सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग (PWD) का था, जो 61,585.43 लाख रुपये था, जबकि जल शक्ति विभाग को हुए नुकसान का अनुमान 19,986.05 लाख रुपये लगाया गया था।
मानसून ने रिहायशी और कमर्शियल इमारतों को भी नुकसान पहुँचाया है। कुल 213 घर पूरी तरह से और 620 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 256 कच्चे-पक्के शेड और 22 दुकानें प्रभावित हुईं। आपदा से जुड़ी घटनाओं में राज्य भर में 200 जानवरों की मौत हुई और 160 पशु-शेड क्षतिग्रस्त हुए।
प्रभावित इलाकों में बहाली का काम जारी है। स्थानीय प्रशासन की टीमें और इमरजेंसी सेवाएँ बंद सड़कों को खोलने, बिजली सप्लाई बहाल करने और पीने के पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत करने का काम कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज़्यादा प्रभावित सब-डिविजन में मुख्य सड़कों और ज़रूरी सार्वजनिक सुविधाओं की बहाली के काम को प्राथमिकता दी जा रही है।