एप्स्टीन मामले में हरदीप पुरी की बेटी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से उच्च न्यायालय का इंकार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-04-2026
High Court refuses to hear plea filed against Hardeep Puri's daughter in Epstein case
High Court refuses to hear plea filed against Hardeep Puri's daughter in Epstein case

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक सामाजिक कार्यकर्ता की अपील खारिज कर दी जिसमें उसने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी को अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के आदेश को चुनौती दी थी।
 
अदालत ने उसे अपनी शिकायतें एकल न्यायाधीश के समक्ष रखने को कहा, जिन्होंने यह आदेश दिया था।
 
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति रेनू भटनागर की पीठ ने एकल न्यायाधीश से कहा कि अंतरिम आदेश को जारी रखने या निरस्त करने के मुद्दे पर यथाशीघ्र अंतिम निर्णय लिया जाए।
 
अदालत ने अपीलकर्ता कुणाल शुक्ला को एकल न्यायाधीश के समक्ष हिमायनी पुरी की निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
 
अदालत ने कहा, “मामले को 23 अप्रैल को एकल न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। एकल न्यायाधीश पक्षों की सुनवाई के बाद, बिना किसी पूर्व टिप्पणी से प्रभावित हुए, यथाशीघ्र निषेधाज्ञा या स्थगन हटाने के आवेदन पर अंतिम फैसला करेंगे।”
 
शुक्ला ने अपनी अपील में आरोप लगाया कि एकल न्यायाधीश ने 17 मार्च को बिना नोटिस दिए या जवाब दाखिल करने का समय दिए बगैर आदेश पारित कर उन्हें संबंधित पोस्ट को सोशल मीडिया पर प्रकाशित, प्रसारित या साझा करने से रोक दिया ।
 
हिमायनी पुरी ने अपने मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने और कई संस्थाओं को कथित मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने से रोकने की मांग करते हुए दावा किया था कि उन्हें एप्स्टीन और उसके अपराधों से जोड़ने के लिए एक सुनियोजित व दुर्भावनापूर्ण ऑनलाइन अभियान चलाया गया।