आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी के उत्तम नगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, बाजारों में लोगों की भीड़ कम देखी जा रही है और नवरात्र के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हाई अलर्ट पर है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि ईद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने एहतियाती उपाय के तौर पर 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था। सत्यापन के बाद उन सभी को रिहा कर दिया गया।
द्वारका के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने कहा, “नवरात्र के दौरान जेजे कॉलोनी क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात किए गए है। त्योहार के दौरान शांति बनाए रखने के लिए यह पूरी तरह से एहतियाती कदम है।”
उन्होंने कहा कि स्थिति अब सामान्य है, लेकिन त्योहारों को देखते हुए पुलिस कड़ी निगरानी रख रही है तथा लोगों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।
जेजे कॉलोनी में पड़ोस में रहने वाले दो परिवारों के बीच होली (चार मार्च) के दिन हुई झड़प में घायल हुए 26 वर्षीय तरुण की मौत हो गयी थी। यह झड़प तब शुरू हुई जब एक समुदाय की लड़की द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा गलती से दूसरे समुदाय की एक महिला को लग गया।
कई हिंदू राजनीतिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस ने अब तक 16 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें तीन महिलाएं एवं दो नाबालिग भी पकड़े गए है। आगे की जांच जारी है।
पुलिस ने यह भी कहा कि वे लगातार जमीनी स्तर पर और सोशल मीडिया मंचों पर नजर रख रहे हैं। अधिकारी ने कहा, "पुलिस गलत सूचना और भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया मंचों पर कड़ी निगरानी रख रही है। अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
सूत्रों ने बताया कि अब तक 200 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने के अनुरोध भेजे गए हैं, जिनमें से लगभग 70 से 80 खाते पहले ही ब्लॉक किए जा चुके हैं। ये खाते मुख्य रूप से विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर सक्रिय थे।
उन्होंने कहा, "जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ लोगों ने घटना से संबंधित भावुक वीडियो प्रसारित किए और ऑनलाइन धन एकत्र करने के माध्यम से दो दिनों के भीतर लगभग 37 लाख रुपये जुटा लिये। पुलिस ने राशि के हस्तांतरण को रोक दिया है और धन के स्रोतों की जांच कर रही है।"