उत्तरी केरल में भारी बारिश, कई निचले इलाके अब भी जलमग्न

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-08-2026
Heavy rains lash northern Kerala, many low-lying areas still submerged
Heavy rains lash northern Kerala, many low-lying areas still submerged

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है और मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे तक के पिछले 21 घंटे की अवधि के दौरान उत्तरी जिलों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी।

बारिश जारी रहने से अलप्पुझा, पत्तनमथिट्टा, कोट्टायम और कोझिकोड के कई निचले और नदी के तटीय इलाके अब भी जलमग्न हैं जिससे लोगों को राहत शिविरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस आपदा में लोगों के अहम दस्तावेज और बच्चों की स्कूल की किताबें भी बह गई हैं।
 
राज्य के पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा कि बाढ़ में गुम हुए दस्तावेजों को दोबारा बनवाने के लिए विशेष अदालतें लगाई जाएगीं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को आवश्यक पाठ्यपुस्तकें और अन्य अध्ययन सामग्री मिले।
 
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने फिलहाल प्रत्येक वार्ड में सफाई कार्य के लिए 25,000 रुपये मंजूर किए हैं और कई स्वयंसेवी संगठन उन घरों की सफाई में मदद के लिए आगे आए हैं जहां पानी घुस गया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी है, उन्हें बिना किसी देरी के वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
 
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज के लिए राज्य के 12 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और दो जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था।
 
आईएमडी के अनुसार कासरगोड के बायार में तीन अगस्त तड़के तीन बजे से आधी रात तक राज्य में सबसे अधिक 121.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
 
कासरगोड के ही मुलियार में 81 मिलीमीटर, कन्नूर हवाई अड्डे पर 74 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोझिकोड के उरुमी में 65 मिलीमीटर बारिश हुई।
 
कन्नूर के चेरुवंचेरी और कासरगोड के आरएआरएस पिलिकोड में 59.5-59.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं एर्णाकुलम के नेरियामंगलम में 59 मिलीमीटर बारिश हुई।
 
आईएमडी 24 घंटों की अवधि के भीतर 60 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश को ‘भारी बारिश’ मानता है।
 
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा नदियों का जलस्तर मंगलवार सुबह चेतावनी के निशान से ऊपर बना हुआ है, हालांकि पानी का स्तर अब कम हो रहा है।