हरिवंश बने उपसभापति, सदन की गरिमा का भरोसा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-04-2026
Harivansh Becomes Deputy Chairman; Assures Dignity of the House
Harivansh Becomes Deputy Chairman; Assures Dignity of the House

 

नई दिल्ली

राज्यसभा के नवनिर्वाचित उपसभापति हरिवंश ने शुक्रवार को उच्च सदन के सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे राज्यसभा की गरिमा बनाए रखने, सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करने और कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं, नियमों और संविधान की सीमाओं के भीतर रहते हुए वे अपने दायित्वों का पालन करेंगे।

मनोनीत सदस्य हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति निर्विरोध चुना गया। यह उनका तीसरा कार्यकाल है। इससे पहले 9 अप्रैल को उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद उपसभापति का पद रिक्त हो गया था, जिसे अब पुनः भर दिया गया है।

हरिवंश का चयन होने पर सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने उन्हें बधाई दी। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सदन के नेता जे. पी. नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

सदन में संबोधन के दौरान हरिवंश ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां स्वस्थ और सार्थक वैचारिक बहस की पूरी गुंजाइश होती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कटुता या अनावश्यक टकराव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि वे सदन की कार्यवाही को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संचालित करेंगे तथा सभी सांसदों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेंगे। उनका कहना था कि संसद की गरिमा बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें अध्यक्षीय भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

अभिनंदन के बाद राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने हरिवंश को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद हरिवंश ने औपचारिक रूप से कार्यवाही संभाली और पहली बार की तरह इस बार भी सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।

हरिवंश, जो पत्रकारिता से राजनीति में आए हैं, संसदीय कार्यवाही और लोकतांत्रिक मूल्यों पर अपने अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उनके उपसभापति बनने को उच्च सदन में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।