नई दिल्ली
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक का वास्तविक उद्देश्य महिलाओं का सशक्तीकरण नहीं, बल्कि देश के चुनावी मानचित्र को बदलना है। उन्होंने इसे ‘‘राष्ट्र विरोधी कृत्य’’ करार दिया।
राहुल गांधी ने लोकसभा में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026’ पर चर्चा के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक और चुनावी ढांचे में बड़ा बदलाव करना चाहती है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार जाति जनगणना को दबाने और अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय के खिलाफ है और इससे देश के कमजोर वर्गों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का यह प्रयास खासकर दक्षिण भारत, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्रों की राजनीतिक हिस्सेदारी को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और इससे संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने सदन में कहा कि विपक्ष इस तरह के प्रयासों को सफल नहीं होने देगा और पूरे विपक्ष ने मिलकर सरकार की नीतियों का विरोध करने का संकल्प लिया है।
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और उन पर तीखी टिप्पणी की, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से अपने शब्द वापस लेने और माफी मांगने की मांग की।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है और यह वास्तविक आरक्षण नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2023 में जो विधेयक पारित हुआ था, वह अलग प्रकृति का था।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा दलितों और पिछड़े वर्गों को केवल नाम के लिए प्रतिनिधित्व देती है, लेकिन वास्तविक सत्ता संरचना में उन्हें उचित स्थान नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि देश की जनता और सशस्त्र बल सभी भारतीय हैं, लेकिन सरकार अपने राजनीतिक एजेंडे के पीछे उन्हें ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह के बदलाव को लेकर सतर्क रहेगा।