आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सरकार मेडिकल छात्रों को ई-पुस्तकों और एआई संसाधनों तक पहुंच प्रदान करने पर विचार कर रही है ताकि वे अपने कौशल को बेहतर बना सकें। इस पहल के पहले चरण में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 57 मेडिकल कॉलेज शामिल किए जाएंगे। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में उपमहानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा) बी श्रीनिवास ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के लिए ई-पुस्तकों और अच्छी तकनीकी सामग्री, जिसमें एआई सामग्री भी शामिल है, तक पहुंच प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण होता है।
श्रीनिवास ने कहा, ‘‘सरकार इन छात्रों तक कृत्रिम मेधा (एआई) पहुंचाने पर विचार कर रही है... राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय में हमने ई-पुस्तकों और डिजिटल नैदानिक सामग्री को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और हम वर्तमान में देश भर के लगभग 57 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह कार्य कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार इस पहल को धीरे-धीरे व्यापक स्तर पर विस्तारित करने की योजना बना रही है।
श्रीनिवास ने कहा, ‘‘हम भविष्य में निजी मेडिकल कॉलेज को भी शामिल करने की योजना बना रहे हैं। लेकिन चूंकि बजट सरकार से आ रहा है, इसलिए फिलहाल हम केवल सरकारी संस्थानों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’