आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के करीब एक साल बाद ग़ाज़ा में एक बहुमंजिला इमारत ढहने की घातक घटना ने वहां रह रहे फलस्तीनियों की मुश्किलों की ओर फिर से ध्यान खींचा है। संघर्ष विराम से क्षेत्र में पुनर्निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी थी।
बातचीत में गतिरोध के कारण पुनर्निर्माण की योजनाएं रुक गईं। इसके बाद से कई लोग युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए लाखों घरों में से कुछ में वापस लौट गए हैं, जबकि इन घरों की कमजोर नींव और अस्थिर दीवारों के अचानक गिरने का खतरा बना हुआ है।
ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को ग़ाज़ा शहर में एक इमारत ढहने से 21 लोगों की मौत हो गई। हादसे में अपने परिजन को खोने वाले उम मोहम्मद अदास ने कहा कि गिरी हुई इमारत मजबूरी में आखिरी सहारे के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी।
उन्होंने कहा, “अब वे लोग बिना घर और बिल्कुल खाली हाथ सड़क पर हैं। यहां तक कि उनके पहने हुए कपड़े भी उधार लिए हुए हैं।”