हैदराबाद (तेलंगाना)
कमिश्नर टास्क फोर्स (गोलकोंडा ज़ोन) और फिल्म नगर पुलिस ने थोता बालाजी नायडू नाम के एक कुख्यात जालसाज को गिरफ्तार किया है। वह खुद को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर विधायकों और हैदराबाद सिटी पुलिस के अधिकारियों से पैसे ऐंठता था। थोता बालाजी नायडू, जिसे नायडू, अनिल कुमार और मल्ला रेड्डी के नामों से भी जाना जाता है, 53 साल का है। पुलिस ने बताया कि वह अलग-अलग वेबसाइटों से जन प्रतिनिधियों के संपर्क नंबर जुटाता था। इसके बाद, वह उन्हें फोन करके खुद को सचिवालय के वित्त विभाग में 'अतिरिक्त सचिव' (एडिशनल सेक्रेटरी) बताता था और 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' तथा 'मुख्यमंत्री बेरोजगारी योजना' जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में बताता था। पुलिस के अनुसार, फिर वह उनसे इन योजनाओं के लिए पैसे देने को कहता था।
JNTU काकीनाडा से ग्रेजुएट, नायडू ने NTPC रामागुंडम में जूनियर इंजीनियर के तौर पर काम शुरू किया था। बाद में उसे असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और फिर असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन मिला। 2008 में, उसे एंटी-करप्शन ब्यूरो ने पकड़ा और CBI को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद ही उसने विधायकों के संपर्क नंबर जुटाना शुरू कर दिया था। 2016 में, बंजारा हिल्स पुलिस ने उस पर PD एक्ट (निवारक निरोध अधिनियम) लगाया था। कुल मिलाकर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में उसके खिलाफ 43 मामले दर्ज हैं।
उसके हालिया कबूलनामे से जुड़े दो मामले इस प्रकार हैं: हैदराबाद के फिल्म नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज केस (Cr. No. 505/2026) - जिसमें BNS की धारा 318(4) और 319(2) तथा IT एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) लगाई गई हैं; और रामागुंडम के मंचरियल टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज केस (Cr. No. 259/2026) - जिसमें BNS की धारा 318(4) और IT एक्ट की धारा 66(D) लगाई गई हैं। यह गिरफ्तारी गोलकोंडा ज़ोन की टास्क फोर्स के पुलिस इंस्पेक्टर एम. महेश और फिल्म नगर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर ए. रमेश की देखरेख में की गई। टास्क फोर्स के एसआई जी. विजयानंद और फिल्म नगर पुलिस स्टेशन के एसआई शेख सलीम ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।