SGPC की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने सिख एकता का आह्वान किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 27-06-2026
Former SGPC president Bibi Jagir Kaur calls for Sikh Unity, urges Jathedars to stay above political pressure
Former SGPC president Bibi Jagir Kaur calls for Sikh Unity, urges Jathedars to stay above political pressure

 

अमृतसर (पंजाब) 
 
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने शनिवार को सिख समुदाय में एकता का आह्वान करते हुए कहा कि सिख समूहों के बीच मतभेद और झगड़े खत्म होने चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जब भी जत्थेदार बैठक करें, तो उनका मकसद सिख समुदाय की भलाई और एकता के लिए काम करना होना चाहिए। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब का इस्तेमाल निजी या राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए करने के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा कि ऐसी हरकतें इसकी गरिमा और अधिकार को कम करती हैं।
 
ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हालिया विवाद एक व्यक्ति के कथित अनैतिक कामों से जुड़ा है और इसे श्री अकाल तख्त साहिब या पंथिक मामले से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनके अनुसार, पंथिक मुद्दों के नाम पर निजी या राजनीतिक लड़ाई लड़ने से श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार को नुकसान पहुँचता है। बीबी जागीर कौर ने कहा कि असली पंथिक मुद्दे सिख संस्थानों में सरकारी दखल, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में देरी और गुरुद्वारों व सिख तख्तों में दखलंदाजी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी दखलंदाजी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाने चाहिए।
 
उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक पार्टियों को अपनी राजनीतिक लड़ाई अलग से लड़नी चाहिए, खासकर जब आने वाले महीनों में पंजाब में चुनाव होने वाले हैं, लेकिन धार्मिक संस्थानों को राजनीतिक झगड़ों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के अधिकार पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि जत्थेदार के कहे हर शब्द को सिख समुदाय एक आदेश मानता है, इसलिए ऐसे फैसले बहुत सावधानी और ज़िम्मेदारी से लिए जाने चाहिए।
 
2 दिसंबर, 2024 के हुक्मनामे का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने इसे पूरे दिल से स्वीकार किया था, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जिस हुक्मनामे को पंथ स्वीकार नहीं करता, उसका महत्व खत्म हो जाता है। उन्होंने गुरमीत राम रहीम सिंह से जुड़े विवाद का भी ज़िक्र किया और कहा कि उनसे संबंधित पिछले हुक्मनामे पर फिर से विचार करना पड़ा था क्योंकि सिख समुदाय ने उसे स्वीकार नहीं किया था। बीबी जागीर कौर ने चेतावनी दी कि जत्थेदारों को सावधान रहना चाहिए और किसी भी राजनीतिक पार्टी के दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा, सम्मान और पवित्रता बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।