IMF-वर्ल्ड बैंक बैठक के लिए बैंकॉक रवाना हुईं निर्मला सीतारमण

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 14-10-2026
FM Nirmala Sitharaman embarks on five-day visit to Bangkok for IMF-World Bank meetings from October14 to 18
FM Nirmala Sitharaman embarks on five-day visit to Bangkok for IMF-World Bank meetings from October14 to 18

 

नई दिल्ली 
 
केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को बैंकॉक, थाईलैंड के लिए पांच दिन की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुईं। वह वहां इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) और वर्ल्ड बैंक ग्रुप की सालाना बैठकों में शामिल होंगी। वित्त मंत्रालय के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रम 14 से 18 अक्टूबर तक चलेंगे। इनमें G20 और G7 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठकों के साथ-साथ उच्च-स्तरीय चर्चाएं भी शामिल होंगी। इस यात्रा के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री कई बहुपक्षीय मंचों पर चर्चाओं में हिस्सा लेंगी, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाक्रमों पर बात होगी।
 
मंत्रालय ने बताया कि ये सत्र "प्रमुख वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर केंद्रित होंगे, जिनमें मौजूदा आर्थिक घटनाक्रम और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।" मंत्रालय ने कहा कि इन चर्चाओं का हिस्सा बनने वाले देशों के लिए एक व्यापक रणनीतिक मकसद है। बयान में कहा गया, "इन बैठकों से वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण, विकास की प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग पर अपने विचार साझा करने का मौका मिलेगा।" द्विपक्षीय स्तर पर, सीतारमण थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री एकनीति नीतिथानप्रापास के साथ चर्चा करेंगी। उनके राजनयिक कार्यक्रमों में स्विट्जरलैंड, जापान, लक्जमबर्ग, भूटान और कुराकाओ के वित्त मंत्रियों के साथ सीधी बैठकें भी शामिल हैं।
 
मंत्रियों के साथ बातचीत के अलावा, सीतारमण IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन के गवर्नर से भी मुलाकात करेंगी। सरकार और संस्थाओं के बीच बातचीत के अलावा, सीतारमण अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माताओं और वित्तीय संस्थानों से जुड़े खास कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगी। वह अटलांटिक काउंसिल की एक चर्चा में बोलेंगी, जिसमें भारत की विकास यात्रा, व्यापार में मजबूती, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में संरचनात्मक सुधार, आसियान (ASEAN) के साथ क्षेत्रीय संबंध और 'विकसित भारत 2047' की राह जैसे विषयों पर बात होगी।
 
वह जर्मनी द्वारा आयोजित एक विशेष सत्र में भी शामिल होंगी, जो शहरी और जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए निजी पूंजी जुटाने पर केंद्रित होगा। मंत्रालय ने कहा, "इन कार्यक्रमों से भारत के आर्थिक प्रदर्शन, सुधार की प्राथमिकताओं और निवेश के अवसरों को उजागर करने का मंच मिलेगा।" मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे का मकसद "ग्लोबल इकॉनमी के लिए अहम मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बातचीत को मज़बूत करना" है, साथ ही अहम वित्तीय मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत की लगातार प्रतिबद्धता को दिखाना भी है।