जमशेदपुर में पांच गिरफ्तार, 3.50 लाख रुपये का मादक पदार्थ बरामद

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-05-2026
Five arrested in Jamshedpur, drugs worth Rs 3.50 lakh recovered
Five arrested in Jamshedpur, drugs worth Rs 3.50 lakh recovered

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
जमशेदपुर के कई हिस्सों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत एक दंपति तथा तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 3.50 लाख रुपये की 'ब्राउन शुगर' बरामद की गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
 
पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय के मुताबिक, पुलिस ने प्रतिबंधित मादक पदार्थ के 26.84 ग्राम वजनी 175 छोटे पैकेट बरामद किए, जिसका अनुमानित मूल्य 3.50 लाख रुपये है।
 
उन्होंने बताया कि एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने बर्मामाइंस थाना क्षेत्र की गांधीनगर बस्ती से संतोष सिंह तथा उसकी पत्नी आयशा खातून को 124 पैकेट 'ब्राउन शुगर' के साथ गिरफ्तार कर लिया।
 
उनसे की गई पूछताछ के आधार पर, पुलिस ने गोविंदपुर थाना क्षेत्र से गौरव कुमार और अमित कुमार को मादक पदार्थ के क्रमशः 20 और 19 पैकेटों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
 
पांडेय ने बताया कि एक अन्य तस्कर, संजय गोस्वामी को मैंगो पुलिस थाना क्षेत्र से मादक पदार्थ के 12 पैकेटों के साथ पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के खिलाफ 'स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम' के तहत मामला दर्ज किया गया है।
 
जैसे ही कीर्तना मंच के पास पहुंचीं, सचिव श्रीनिवासन ने हाथ उठाकर उनसे निर्वाचन प्रमाणपत्र मांगा। हालांकि, वह प्रमाणपत्र पेश नहीं कर सकीं। श्रीनिवासन को उन्होंने क्या जवाब दिया, यह स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है।
 
पूरे घटनाक्रम पर पीटीआई-भाषा से बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा, "ऐसा लगता है कि उनके पास उस समय निर्वाचन प्रमाणपत्र नहीं था। प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण, वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें शपथ लेने की अनुमति देने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया। अब वह निर्वाचन प्रमाणपत्र जमा करने के बाद किसी भी समय शपथ ले सकती हैं।"
 
बाद में, कीर्तना प्रमाण पत्र सदन में लेकर आई और उसे अधिकारी को सौंप दिया तथा ईश्वर के नाम पर शपथ ली।
 
अधिकारी ने बताया कि सभी विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपना प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से साथ लाएं। सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए भी यह बात साफ कर दी थी।