चेन्नई/नई दिल्ली
डीएमके सांसद पी. विल्सन ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लिए जाने को राज्य सरकार का "अत्याचार" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर किसानों और कावेरी जल विवाद जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए की गई है।
एएनआई से बातचीत में विल्सन ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेता तृषा को लेकर वह टिप्पणी नहीं की, जो उनके नाम से प्रचारित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विरोध की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है।
विल्सन ने कहा, "डीएमके ने किसानों और तमिलनाडु के लोगों के अधिकारों के लिए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। उदयनिधि ने केवल मुख्यमंत्री पर असहमति की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी।"
उन्होंने कहा कि यह मामला संसद में भी उठाया गया है। उनके अनुसार, "जिसने भी पूरा भाषण सुना है, वह जानता है कि ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की गई। किसानों के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए यह झूठी और मनगढ़ंत कहानी गढ़ी गई है।"
इस बीच, डीएमके के वरिष्ठ नेता आर.एस. भारती ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि उदयनिधि को अपना राजनीतिक कर्तव्य निभाने के कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने दावा किया कि अदालत द्वारा दोपहर 12 बजे के बाद गिरफ्तारी न करने के निर्देश के बावजूद कार्रवाई की गई, जो अदालत की अवमानना है।
उधर, हिरासत में लिए जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनके खिलाफ "कट, कॉपी, पेस्ट" के जरिए फर्जी नैरेटिव बनाया गया है। उन्होंने कहा, "मैंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की। मैं इससे डरने वाला नहीं हूं और कानूनी तरीके से इसका सामना करूंगा।"
थंजावुर (पूर्व) पुलिस ने चेन्नई स्थित उनके आवास से उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लेकर थंजावुर ले जाकर पूछताछ की। उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं, तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब कावेरी जल मुद्दे पर आयोजित एक विरोध सभा में भाषण के दौरान भीड़ के कुछ लोगों ने "तृषा, तृषा" के नारे लगाए। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा, "पानी कहीं और पहुंचे या नहीं, वहां जरूर पहुंचना चाहिए," और बाद में स्पष्ट किया कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था।
इसके बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की महिला इकाई ने शिकायत दर्ज कराई, आरोप लगाया कि यह टिप्पणी अभिनेत्री तृषा को निशाना बनाकर की गई थी।
बीजेपी और टीवीके नेताओं ने उदयनिधि से माफी की मांग की है। टीवीके विधायक रेवंथ चरण ने टिप्पणी को "घृणित" बताते हुए डीएमके की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाए।
हालांकि, डीएमके ने लगातार कहा है कि उदयनिधि की टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उनका निशाना केवल राज्य सरकार की नीतियां थीं, किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं की गई।