आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के शांतिपूर्ण समापन के बाद अब पूरा ध्यान मतगणना की तैयारी पर है। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद निर्वाचन आयोग ने सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी Electronic Voting Machine, वीवीपैट और अन्य मतदान सामग्री को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। यह काम देर रात तक चला और सभी मशीनों को तय मतगणना केंद्रों के स्ट्रांग रूम में सीलबंद कर सुरक्षित रखा गया।
अधिकारियों के मुताबिक, पूरे राज्य में कुल 62 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहां इन मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। हर केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। चार मई को राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना होगी, जिसके नतीजों का सभी को इंतजार है।
ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के लिए पुलिस और सशस्त्र बलों की विशेष निगरानी रखी गई। पूरी प्रक्रिया को बेहद सावधानी से अंजाम दिया गया। कई जगहों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह का संदेह न रहे।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्ट्रांग रूम की निगरानी चौबीसों घंटे की जा रही है। इसके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, तमिलनाडु विशेष पुलिस और स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है। हर प्रवेश और निकास बिंदु पर कड़ी जांच की जा रही है।
इसके अलावा, स्ट्रांग रूम के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां नियमित रूप से निरीक्षण भी कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
निर्वाचन आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मतगणना तक मशीनें पूरी तरह सुरक्षित रहें। आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ की जा रही है।
राज्य में चुनाव के बाद अब राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विभिन्न दल अपने अपने दावों और समीकरणों को लेकर सक्रिय हैं। हालांकि, अंतिम तस्वीर चार मई को ही साफ होगी, जब मतगणना के बाद नतीजे सामने आएंगे।
फिलहाल, चुनावी प्रक्रिया का यह अहम चरण पूरा हो चुका है। अब सभी की नजर स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी मशीनों पर है, जो कुछ ही दिनों में जनता का फैसला सामने लाएंगी।