Every devotee will be allowed to visit Yamunotri without asking for religion or caste.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित चार धामों में से एक यमुनोत्री मंदिर की प्रबंधन समिति ने अन्य तीनों धाम से अलग रुख अपनाते हुए ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा के तहत श्रद्धा भाव से आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत करने का निर्णय लिया है और किसी भी श्रद्धालु से उसका धर्म या जाति नहीं पूछी जाएगी।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा, ‘‘चार धाम यात्रा पर आने वाला हर व्यक्ति सनातनी होता है और हमने निर्णय लिया है कि यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जो भी व्यक्ति श्रद्धा से आएगा, उसका अतिथि देवो भवः की परंपरा के साथ स्वागत किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि यह सरकार का काम है कि वह यात्रा के लिए किसका पंजीकरण कर रही है और कौन भगवान के दर्शन के लिए आ रहा है या पर्यटन के उद्देश्य से।
उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘यमुनोत्री में किसी भी श्रद्धालु से उसका धर्म या जाति नहीं पूछी जाएगी और उसे मां यमुना के दर्शन कराए जाएंगे।’’
इससे पहले बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम और गंगोत्री धाम में गैर-सनातनियों के सशर्त प्रवेश की अनुमति दी गई है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि कोई गैर-हिंदू यदि सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था का हलफनामा देता है तो उसे मंदिरों में दर्शन की अनुमति दी जाएगी।