यूनेस्को स्थलों पर रखरखाव के मानकों की व्यापक समीक्षा हो: संसदीय समिति

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 27-03-2026
Parliamentary committee calls for comprehensive review of maintenance standards at UNESCO sites
Parliamentary committee calls for comprehensive review of maintenance standards at UNESCO sites

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
संसद की एक समिति ने संस्कृति मंत्रालय से सिफारिश की है कि वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ मिलकर भारत में सभी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों पर रखरखाव के मानकों और आगंतुकों की सुविधाओं की ‘‘व्यापक समीक्षा’’ करे, और एक समयबद्ध सुधार योजना तैयार करे।
 
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसदीय स्थायी समिति ने मंत्रालय से यह भी सिफारिश की है कि वह एक ‘‘पांच-वर्षीय यूनेस्को नामांकन रणनीति’’ तैयार करे।
 
उसने कहा कि इस रणनीति में ‘‘कम से कम 10 संभावित नामांकनों’’ की एक सूची, बहुराष्ट्रीय नामांकनों के लिए साझेदार देशों के साथ एक व्यवस्थित साझेदारी योजना आदि शामिल होने चाहिए।
 
समिति ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय इस रणनीति को एक वर्ष के भीतर प्रस्तुत कर सकता है।
 
जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक 'संस्कृति मंत्रालय के लिए अनुदान की मांगें (2026-27)' है, बुधवार को संसद में प्रस्तुत की गई।
 
समिति ने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण 38 मंडलों के माध्यम से 3,685 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों का रखरखाव करता है।
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि एएसआई को 2026-27 के लिए 1,235.78 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो मंत्रालय के कुल आवंटन का 36.17 प्रतिशत है।
 
समिति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों का बढ़ता दायरा—जो अब 44 सूचीबद्ध स्थलों के साथ वैश्विक स्तर पर छठे स्थान पर है—अपने साथ यूनेस्को के परिचालन दिशानिर्देशों के तहत एक दायित्व भी प्रदान करता है।