एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस नई दिल्ली पहुंचे, वैश्विक AI सहयोग पर मंथन

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-02-2026
Estonian President Alar Karis arrives in New Delhi to discuss global AI cooperation
Estonian President Alar Karis arrives in New Delhi to discuss global AI cooperation

 

नई दिल्ली

एस्टोनिया के राष्ट्रपति Alar Karis मंगलवार को ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। हवाईअड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। यह दौरा भारत और एस्टोनिया के बीच डिजिटल गवर्नेंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने वाला माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समिट में 20 से अधिक विश्व नेताओं की भागीदारी हो रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के आमंत्रण पर कई राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख इस वैश्विक मंच पर एकत्र हुए हैं। प्रमुख प्रतिभागियों में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva, भूटान के प्रधानमंत्री Tshering Tobgay, फिनलैंड के प्रधानमंत्री Petteri Orpo सहित कई अन्य नेता शामिल हैं।

भारत और एस्टोनिया के संबंध 1991 में एस्टोनिया की स्वतंत्रता के बाद औपचारिक रूप से स्थापित हुए थे। तब से दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण और सहयोगात्मक रिश्ते रहे हैं, विशेषकर डिजिटल नवाचार और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में।

‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्देश्य जिम्मेदार AI शासन, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और जलवायु-संवेदी तकनीकों पर वैश्विक संवाद को बढ़ावा देना है। यह समिट केवल उच्चस्तरीय चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस परिणामों और व्यावहारिक पहल पर केंद्रित है, जो आर्थिक विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और AI के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करें।

सम्मेलन को तीन मुख्य स्तंभों—‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’—के आधार पर संरचित किया गया है। चर्चाओं में रोजगार और कौशल विकास, ऊर्जा-कुशल AI, डेटा संरक्षण, AI सुरक्षा और भारत की ‘सॉवरेन AI’ रणनीति पर विशेष जोर है। साथ ही, सात विषयगत कार्य समूह AI कॉमन्स, विश्वसनीय AI उपकरण, साझा कंप्यूट अवसंरचना और क्षेत्र-विशिष्ट उपयोग मामलों पर ठोस प्रस्ताव पेश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की दिशा में निर्णायक मंच प्रदान करेगा, जहां तकनीक को समावेशी, सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से आगे बढ़ाने की रूपरेखा तय की जा सकेगी।