Emphasis on increasing the role of AI in the power system, demand will also be estimated
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने देश की बिजली व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी बिजली ग्रिड व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जो बिजली की मांग का पहले से अनुमान लगा सके और उत्पादन, ट्रांसमिशन तथा वितरण को अधिक प्रभावी ढंग से संभाल सके।
बुधवार को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) और उद्योग संगठन फिक्की (FICCI) की ओर से आयोजित ‘मेकिंग द इंडियन पावर सेक्टर AI इनेबल्ड’ विषय पर विचार-विमर्श सम्मेलन में वीडियो संदेश के जरिए मंत्री ने अपनी बात रखी।
मनोहर लाल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में देश में 70 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। आगे चलकर इस क्षमता को चार गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है। भारत की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 555 गीगावाट है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना और नई क्षमता स्थापित करना नहीं है, बल्कि AI की मदद से बिजली ग्रिड का बेहतर प्रबंधन करना और मांग का सटीक अनुमान लगाना भी है।
मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में देश में थर्मल पावर के साथ-साथ गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। ऐसे में AI बिजली की मांग को समझने और ग्रिड में बिजली के एकीकरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में केंद्रीय बिजली राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने भी बिजली क्षेत्र में AI को प्रभावी ढंग से अपनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और बिजली प्रबंधन को अधिक कुशल बनाने में मदद मिल सकती है।
नाइक के अनुसार, बिजली उत्पादन से लेकर ट्रांसमिशन और वितरण तक AI का इस्तेमाल व्यवस्था को बेहतर बना सकता है और उपभोक्ताओं को अधिक प्रभावी सेवाएं देने में मदद कर सकता है।